एमएम हिल्स को जल्द मिलेगा टाइगर रिजर्व टैग

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। राज्य को नर महादेश्वरा हिल्स वन्यजीव अभयारण्य के रूप में जल्द ही एक नया बाघ अभयारण्य मिलने की उम्मीद है। वन विभाग की बैठक के बाद राज्य सरकार को सूचित किया गया है। ऐसे में राज्य के बांदीपुर, नागरहोल, भद्र, बीआरटी और काली के बाद यह राज्य का छठा बाघ अभयारण्य होगा।

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के कुछ हिस्सों को भी अपने क्षेत्र में शामिल करने की मांग की है लेकिन हम सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

हालांकि कुछ समय बाद विभाग कावेरी वन्यजीव अभयारण्य को एमएम हिल्स टाइगर रिजर्व में शामिल या इसे अलग घोषित कर सकता है।

वहीं मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में मुल्लानगिरी के जंगलों को संरक्षण रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव को राज्य वन्यजीव बोर्ड ने मंजूरी दी जिसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इस बैठक में वन मंत्री आनंद सिंह भी मौजूद रहे।

वहीं बैठक में हिरियुर तालुक विधायक के प्रस्ताव को भी पारित किया गया जिसमें उन्होंने चित्रदुर्ग डिवीजन के हिरियुर और होसादुर्ग रेंज के मारीकानिव और अन्य वन क्षेत्रों को उत्तरागुड्डा वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित करने की मांग की थी।

बता दें कि इस क्षेत्र में मृग, हाइना, तेंदुए, भालू और सरिसृप जीवों के अलावा उन्नत किस्म के औषधीय पौधे हैं। वहीं बैठक में बेंगलूरु सर्कल के रामनगर डिवीजन में 4167.94 हेक्टेयर भूमि को भालू अभयारण्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली।