सांसद राजीव चंद्रशेखर
सांसद राजीव चंद्रशेखर

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। विमानवाहक युद्धपोत ‘विराट’ ने नौसेना से सेवामुक्त होने तक देश की 30 वर्षों तक सेवा की। उसे एक होटल या संग्रहालय में परिवर्तित करने की योजनाओं की विफलता के बाद स्क्रैप के लिए बेच दिया गया, जहां यह शानदार युद्धपोत तोड़ दिया जाएगा।

रणभूमि के दिग्गजों और सशस्त्र बलों के लिए मजबूती से आवाज उठाने वाले सांसद राजीव चंद्रशेखर ने विराट को ध्वस्त होने से बचाने के लिए अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं आईएनएस विराट को बचाने के लिए एक आखिरी प्रयास करना चाहता हूं।’

उन्होंने रिलायंस, टाटा, अडाणी, विप्रो, एचसीएल, महिंद्रा, उदय कोटक, पूनावाला, टेक कंपनियों, इन्फोसिस जैसी कंपनियों से इस अपील पर विचार करने और हमारे इतिहास को संरक्षित करने के लिए एक ट्रस्ट में योगदान देने के लिए कहा है।

सांसद राजीव चंद्रशेखर द्वारा यह मुद्दा उठाने और अपील के बाद कई लोग जिनमें आईएएस अधिकारी, पूर्व सैनिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं, ने उन्हें बधाई दी है और इस बात को दोहराया है कि ‘विराट’ का संरक्षण किया जाना चाहिए ताकि भावी पीढ़ी को हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, बलिदान एवं उनके मार्ग में आने वाली चुनौतियों के बारे में पता चले।

कई लोगों ने तो इस कार्य के लिए अपने एक दिन का वेतन देने की पेशकश की है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा काफी चर्चा में है।

वहीं, कर्नाटक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कैप्टन मणिवन्नन ने ट्वीट किया, ‘विराट को एक संग्रहालय के रूप में संरक्षित करना युवा पीढ़ी को वर्दी पहनकर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा, साथ ही उन लोगों का सम्मान भी जो ऐसा करते हैं। काश ऐसा होता। मैं इस तरह की परियोजनाओं का मुद्दा उठाने के लिए हमारे माननीय सांसद राजीव चंद्रशेखर को सलाम करता हूं और इसके लिए अपना एक दिन का वेतन दान करने की पेशकश करता हूं।’