यतनाल कांग्रेस की बी टीम, निर्दलीय विधायक के तौर पर जीतकर दिखाएं: निरानी

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री निरानी।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री निरानी।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए और भाजपा सरकार के नेतृत्व को निशाना बनाने के प्रयासों को रोकने की नसीहत देते हुए, खान एवं भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी ने भाजपा के बागी विधायक बासन्नागौड़ा पाटिल यतनाल को कांग्रेस की बी टीम करार दिया। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा विधायक के तौर पर इस्तीफा देने के बाद फिर से जीतकर दिखाएं।

मंत्री निरानी ने यहां विधानसभा में एक प्रेसवार्ता में कहा कि यतनाल बार-बार अपनी ही पार्टी के नेताओं पर हमला कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री जैसे वरिष्ठ नेता का अनादर करने के लिए उनकी निंदा करता हूं। पार्टी उच्च स्तर पर उनके आचरण पर निर्णय लेगी

यह प्रेसवार्ता पंचमसाली लिंगायतों से संबंधित मंत्रियों और भाजपा विधायकों द्वारा बुलाई गई थी। इस अवसर पर निरानी ने सर्वाधिक मुखर होकर, यतनाल को इस्तीफे के बाद फिर से चुने जाने की चुनौती दी।

निरानी ने कहा, मुख्यमंत्री येडियुरप्पा के करिश्मे के कारण यतनाल विधायक चुने गए और उनके समर्थन के कारण मंत्री बने। यतनाल को मुख्यमंत्री की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे भाजपा विधायक पद से इस्तीफा देकर अपनी योग्यता साबित करें और अपने निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय विधायक के रूप में फिर से निर्वाचित होकर दिखाएं।

‘इस्तीफे की मांग का अधिकार नहीं’
रविवार को पंचमसाली लिंगायत समाज की रैली के दौरान यतनाल ने मुख्यमंत्री से ओबीसी सूची के 2ए आरक्षण के तहत अपने समुदाय को शामिल करने के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाए जाने पर निरानी और सीसी पाटिल के इस्तीफे की मांग की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, निरानी ने कहा कि यतनाल को इस्तीफे की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों द्वारा चुना गया था और सीएम एवं पार्टी आलाकमान के आशीर्वाद से मंत्री बना।

कांग्रेस की रैली का रूप दे दिया
रविवार की रैली के बारे में निरानी ने कहा कि 2ए श्रेणी आरक्षण की मांग के उद्देश्य से इसका आयोजित किया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थों के लिए मंच का दुरुपयोग किया और समुदाय को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यतनाल और कुछ अन्य नेताओं ने रैली को कांग्रेस की रैली का रूप दे दिया। यह निंदनीय है।

निरानी ने कहा कि सरकार के लिए समय सीमा निर्धारित करना उचित नहीं था। सरकार को निर्णय लेने से पहले कुछ नियमों, विनियमों और स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। हमें मुख्यमंत्री पर भरोसा है। मंत्रियों और विधायकों ने कहा कि वे समुदाय को 2ए श्रेणी में शामिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पिछड़ा वर्ग आयोग एक सकारात्मक रिपोर्ट पेश करेगा और आश्वासन दिया कि पंचमसाली समुदाय को उचित समय में 2ए श्रेणी में लाया जाएगा।

यतनाल के इशारों पर न करें काम
कुदालसंगमा मठ के संत बसवा जयमृत्युंजय स्वामी के आचरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, मंत्री निरानी और सीसी पाटिल ने कहा कि संत को अतिसम्मानित व्यक्ति के रूप में आचरण करना चाहिए, उन्हें कांग्रेस के पूर्व विधायक विजयानंद कशप्पनवर और बासन्नागौड़ा पाटिल यतनाल के इशारों पर काम नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्या संत के लिए यह आवश्यक था कि अखिल भारत लिंगायत पंचमसाली महासभा के अध्यक्ष के रूप में कशप्पनवर की घोषणा की जाए, जबकि इस तरह का निर्णय समुदाय के निकाय द्वारा नहीं लिया गया था। संत के पास इस तरह का फैसला लेने का अधिकार नहीं है।

विजयानंद कशप्पनवर की आलोचना करते हुए, भाजपा नेताओं ने पंचमसाली समुदाय के लिए पूर्व कांग्रेस नेता के योगदान को जानने की मांग की। निरानी ने कहा, वे समुदाय के एक स्व-घोषित नेता हैं। विजयानंद के विधायक बनने से पहले उनके पिता विधायक और पूर्व मंत्री थे। पूरे परिवार ने कभी भी पंचमसाली लिंगायत को 2ए श्रेणी में शामिल करने के लिए कुछ नहीं किया। सिर्फ बयानबाजी करने के अलावा उनका कोई योगदान नहीं है।

महासभा के अध्यक्ष के रूप में स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति के लिए वकालत करते हुए निरानी ने कहा कि विजयानंद के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की हैं, वे पद संभालने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने हाल में एक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की। ऐसा व्यक्ति हमारे समुदाय के संगठन का प्रमुख कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि एक अराजनीतिक व्यक्ति को पंचमसाली महासभा का नेतृत्व करना चाहिए।