बेंगलूरु में पंचमसाली समुदाय का सम्मेलन, निरानी ने 2ए श्रेणी आरक्षण का दिलाया भरोसा

पंचमसाली समुदाय के सम्मेलन में धर्मगुरु एवं समाज के लोग।
पंचमसाली समुदाय के सम्मेलन में धर्मगुरु एवं समाज के लोग।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। खान एवं भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी ने लिंगायत पंचमसाली समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की 2ए श्रेणी में शामिल करने का भरोसा दिलाया है। बेंगलूरु पैलेस ग्राउंड में विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए निरानी ने कहा कि पंचमसाली समुदाय को 2ए श्रेणी में शामिल करने की मांग पिछले तीन दशकों से हो रही है।

डॉ. हनुमनल के साथ शुरू हुआ संघर्ष श्रीबसवा जया मृत्युंजय स्वामीजी और श्रीवचनानंद स्वामीजी के साथ जारी रहा, जिन्होंने बेलगावी से बेंगलूरु तक 700 किलोमीटर की लगातार पदयात्रा की।

निरानी ने कहा कि पंचमसाली समुदाय वीरशैव-लिंगायत समाज के बीच आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। हमारे समुदाय का मुख्य व्यवसाय कृषि है; कुछ लोग सरकारी और अर्ध-सरकारी संगठनों में कार्यरत हैं। कुछ व्यापारी और बहुत कम उद्यमी हैं। हमारा समुदाय सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है।

निरानी ने कहा कि पंचमसाली समुदाय ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई योद्धा जैसे कित्तूर रानी चेनम्मा, बेलावाडी मल्लम्मा, केलाडी चेनम्मा और अन्य ने स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया।

3बी श्रेणी के तहत समुदाय को शामिल करने के लिए संघर्ष को याद करते हुए, मंत्री ने कहा कि 2008 में बीएस येडियुरप्पा ने बतौर मुख्यमंत्री इसे 2ए श्रेणी के तहत लाने के लिए सभी प्रयास किए, लेकिन कानूनी बाधा के कारण ऐसा नहीं हो सका।

निरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक पिछड़ा वर्ग आयोग को एक अध्ययन करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए लिखा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तय प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं, ताकि 2ए श्रेणी के तहत समुदाय को शामिल किए जाने के बाद कोई कानूनी बाधा न आए।

सरकार ने कर्नाटक वीरशैव-लिंगायत विकास निगम (केवीएलडीसी) के गठन का आदेश दिया है। साथ ही कैबिनेट मंजूरी के साथ सभी उप-संप्रदायों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजना चाहता थी लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी है।