प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को तीन दिवसीय प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन ‘बेंगलूरु टेक समिट-2020’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम आज लोगों की जीवनशैली बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच साल पहले हमने डिजिटल इंडिया की शुरुआत की थी। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इसे सरकार की किसी सामान्य पहल की तरह नहीं देखा जा रहा है। डिजिटल इंडिया जीवनशैली बन गया है, खासकर उन लोगों की जो गरीब और हाशिए पर हैं तथा जो सरकार में हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन के चरम पर, यह तकनीक ही थी जिसने देश के गरीबों को त्वरित और उचित सहायता सुनिश्चित की। इस राहत के पैमाने में कुछ समानताएं हैं। यदि भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है, तो यह प्रौद्योगिकी की एक बड़ी भूमिका के कारण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने बेहतर सेवा वितरण और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए डेटा एनालिटिक्स की शक्ति का उपयोग किया है। इंटरनेट लगभग 25 साल पहले भारत आया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट कनेक्शन की संख्या हाल में 750 मिलियन को पार कर गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, जब हम गरीबों को अपने घरों को एक अभूतपूर्व पैमाने, गति और पारदर्शिता के साथ निर्माण में मदद करने में सक्षम हैं, तो इसके लिए टेक्नोलॉजी को धन्यवाद है। आज, जब हम लगभग सभी घरों में बिजली प्रदान करने में सक्षम हैं, तो इसमें टेक्नोलॉजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे पास सर्वश्रेष्ठ दिमाग के साथ बड़ा बाजार भी है। हमारे प्रौद्योगिकी जगत के पास वैश्विक होने की क्षमता भी है। अब समय है कि भारत के प्रौद्योगिकी समाधानों को विश्व में ले जाएं।