इंद्राणी नदी में घुल रहा ‘जहर’, कब जागेंगे जिम्मेदार?

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay

उडुपी/दक्षिण भारत। जिले में मालपे के पास कलमाडी में रसायनों, अकार्बनिक अपशिष्टों और नालियों के जहरीले पानी ने एक बार फिर इंद्राणी नदी को दूषित कर दिया है। हालांकि यह नदी एक दशक से प्रदूषित हो रही है लेकिन इस साल नदी में बहने वाले गहरे काले पानी से संकेत मिलता है कि स्थिति अब ज्यादा खराब है।

ऐसे में यदि प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा अब इस नदी की निगरानी नहीं की जाती है, तो यह इस नदी के लिए खतरे की घंटी होगी।

इस संबंध में एक शख्स कहते हैं कि एक भी जनप्रतिनिधि ने स्थानीय लोगों की इस पीड़ा के लिए गंभीरता नहीं दिखाई है। इस नदी के रास्ते में रहने वाले 500 से अधिक परिवारों की जिंदगी फिलहाल जोखिम में है।

यहां रहने वाले कुछ निवासियों में बुखार, त्वचा में जलन जैसी समस्याएं देखने को मिली हंै। वह कहते हैं कि उनके सामने गहरे काले पानी वाली नदी भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े करती है। बता दें कि उडुपी शहर की नगरपालिका सीमा में डेंगू और मलेरिया के भी कई मामले सामने आए हैं।