राम मंदिर निर्माण की तकनीकी समिति में कर्नाटक के प्रोफेसर

मंदिर का दीया.. प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay
मंदिर का दीया.. प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay

चित्रदुर्ग/दक्षिण भारत। अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण में अब चित्रदुर्ग का नाम भी जुड़ गया है क्योंकि तालकु निवासी प्रोफेसर टीजी सीताराम मंदिर निर्माण में शामिल तकनीकी टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

वर्तमान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी में निदेशक के रूप में कार्यरत प्रोफेसर सीताराम को चट्टानों और भू-तकनीकी भूकंप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके कामों के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही वे इंडियन जियोटेक्निकल सोसायटी, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स के भी निर्वाचित सदस्य हैं।

राम मंदिर निर्माण में शामिल आठ सदस्यीय तकनीकी टीम, जो निर्माण की गुणवत्ता जांच करेगी, का हिस्सा बनने जा रहे सीताराम ने 1994 से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलूरु में प्रोफेसर के अलावा 2014 तक आईआईएससी में सेंटर फॉर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन और अर्बन प्लानिंग में भी सेवाएं दी हैं।

टीजी सीताराम टीएस गुंडुराव और वत्सला के बेटे हैं। तालकु में जन्मे सीताराम ने अपनी प्राथमिक शिक्षा हरिहर के सरकारी स्कूल मालेबेनुरु से पूरी की जिसके बाद उन्होंने मैसूरु विश्वविद्यालय से साल 1978-1984 के दौरान सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।

इसके बाद उन्होंने साल 1984-86 के दौरान आईआईएससी से अपनी मास्टर्स डिग्री पूरी की एवं 1988-91 तक वाटरलू विश्वविद्यालय से पीएचडी की।

मंदिर एसोसिएशन के अध्यक्ष एम वासुदेवराव ने बताया कि टीजी सीताराम को जल्द ही इस जिम्मेदारी के लिए बुलाया जाएगा। वहीं महासचिव एन गोपीनाथ, उपाध्यक्ष एचवी योगेश, नागराज, एम सत्यनारायण और अन्य ने कहा कि यह चित्रदुर्ग के लोगों के लिए गर्व की बात है कि यहां का बेटा अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के लिए तकनीकी विशेषज्ञ होगा।