कैंपेगौड़ा बस स्टैंड पर शनिवार को बीएमटीसी एवं केएसआरटीसी के कर्मचारियों की हड़ताल चालू रही तथा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाया।
कैंपेगौड़ा बस स्टैंड पर शनिवार को बीएमटीसी एवं केएसआरटीसी के कर्मचारियों की हड़ताल चालू रही तथा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाया।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित रहीं क्योंकि परिवहन निगमों के कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखते हुए पड़ोसी तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में अपने समकक्षों को मिल रहीं सेवा शर्तों जैसी मांग की।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य द्वारा संचालित कर्नाटक राज्य परिवहन निगम, बेंगलूरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और उत्तरी कर्नाटक में संचालित दो अन्य निगमों द्वारा प्रदान की जाने वाली सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं क्योंकि आंदोलनकारी कर्मचारी अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

राज्य की राजधानी में हजारों लोग, जिनमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं, को कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि बीएमटीसी की बसें शहर में नहीं चलीं।

फ्रीडम पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने काम पर लौटने और हड़ताल खत्म करने से इन्कार कर दिया, जबकि शीर्ष अधिकारियों द्वारा उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे थे।

कर्नाटक राज्य किसान संघ के अध्यक्ष, कोडिहल्ली चंद्रशेखर, जो आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं, ने कहा कि कर्मचारी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए राज्य सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

इस बीच, कर्नाटक के परिवहन मंत्री और उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने भी कर्मचारियों से अपनी हड़ताल खत्म करने और परिवहन सेवाओं को सामान्य बनाने में मदद करने की अपील की।