दक्षिण पश्चिम रेलवे में विद्युतीकरण जोरों पर

भारतीय रेलवे। फोटो स्रोत: PixaBay
भारतीय रेलवे। फोटो स्रोत: PixaBay

हुब्बली/दक्षिण भारत। भारतीय रेलवे ने साल 2023 तक इसके ब्रॉड गेज नेटवर्क के विद्युतीकरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दक्षिण पश्चिम रेलवे में विद्युतीकरण परियोजनाओं पर काम जोरों पर है। इसके तहत रेलवे सुरक्षा आयुक्त 7, 8 और 9 मार्च को 162 किमी का निरीक्षण करेंगे। रेल विकास निगम लिमिटेड हुब्बली, वास्को, बल्लारी से चिकजाजुर और बैयप्पनहल्ली से सलेम रूट तक विद्युतीकरण के कामों को अंजाम दे रहा है।

बेंगलूरु डिवीजन में, पेरियानागथुनाई – पलक्कड़ु के बीच 47 रूट किमी, जो कि बैयप्पनहल्ली – ओमालुर खंड का हिस्सा है, का निरीक्षण सीआरएस द्वारा 7 मार्च को किया जाएगा। अब तक 72 रूट किमी के बीच बैयप्पनहल्ली – एनेकल रोड – पेरियानागथुनाई को इस खंड में कमीशन किया गया है। इसके साथ, 196 रूट किमी में से 119 रूट किमी को पूरा किया जाएगा, जो बैयप्पनहल्ली और ओमालुर के बीच और उपनगरीय ट्रेन सेवाओं के बीच तेजी से चलने वाली ट्रेनों की सुविधा प्रदान करेगा।

हुब्बली डिवीजन में, हुब्बली और अलनवार के बीच 65 रूट किमी का सीआरएस द्वारा 8 मार्च को निरीक्षण किया जाएगा। यह होसपेटे – हुब्बली – वास्को खंड का हिस्सा है। कारिगनुरु – हरलापुर (73 रूट किमी) के बीच विद्युतीकरण इस साल पूरा हुआ। होसपेटे से हुलकोटी (99 रूट किमी) तक विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है।

हुलकोटी से हुब्बली और अलनवार के बीच कैसल रॉक तक विद्युतीकरण कार्य प्रगति पर है और जून 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परीक्षण और निरीक्षण जैसे सभी अनिवार्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इस खंड में 3 मार्च को सीआरएस निरीक्षण से पहले अनिवार्य इलेक्ट्रिक लोको परीक्षण किया गया था। इसके साथ इस खंड पर 138 किमी का काम पूरा हो गया है।

मैसूरु डिवीजन में थालकु और चित्रदुर्गा के बीच 50 रूट किमी पर 9 मार्च को सीआरएस द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। यह बल्लारी और चिकजाजुर के बीच का हिस्सा है। दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह ने कहा है कि विद्युतीकरण के संदर्भ में ज़ोन द्वारा महामारी के बावजूद उल्लेखनीय प्रगति की गई है। उन्होंने दपरे के पीसीईई मनोज महाजन और आरवीएलएल, इलेक्ट्रिकल महाप्रबंधक दिनेश जैन के प्रयासों की सराहना की।