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प्रशासन को सही दिशा में ले जाने वाले फैसलों से संतुष्ट हूं: बोम्मई
'मैंने अधिकारियों को भरोसे में लेकर प्रशासन को सही दिशा में ले जाने के लिए जो फैसले किए हैं, उनसे संतुष्ट हूं'
 
'पिछले 100 दिन में हमने जो मजबूत और आशाजनक कदम उठाए हैं, हमने जो निर्णायक फैसले किए हैं, वे उस जन-समर्थक पथ के बारे में संकेत देंगे'

हुब्बली/भाषा। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह प्रशासन को सही दिशा में ले जाने के लिए अभी तक लिए गए निर्णयों से संतुष्ट हैं और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में काम जारी है।

बोम्मई ने मंत्रिमंडल में तत्काल विस्तार के संबंध में कोई बातचीत होने से इनकार किया। यह पूछे जाने पर कि क्या बोम्मई अपने प्रशासन के 100 दिन के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, बोम्मई ने कहा, ‘मैंने अधिकारियों को भरोसे में लेकर प्रशासन को सही दिशा में ले जाने के लिए जो फैसले किए हैं, मैं उनसे संतुष्ट हूं।’

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की 28 जुलाई को जिम्मेदारी संभालने वाले बोम्मई ने संवाददाताओं से कहा कि हालांकि सौ दिन पूरा होना कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, लेकिन यह आगे की दिशा का निश्चित ही एक स्पष्ट संकेत हैं।

उन्होंने कहा, ‘पिछले 100 दिन में हमने जो मजबूत और आशाजनक कदम उठाए हैं, हमने जो निर्णायक फैसले किए हैं, वे उस जन-समर्थक पथ के बारे में संकेत देंगे, जो हमारी सरकार भविष्य में अपनाएगी।'

उन्होंने उनकी सरकार के ‘अमृत’ योजना जैसे कार्यक्रमों, किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा पहलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है और वह लोगों के कल्याण के लिए कई प्रगतिशील कदमों को उठाने की प्रशासन की योजनाएं लागू करना चाहते हैं।

बोम्मई ने ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ के कार्यान्वयन पर भी प्रकाश डाला। ऐसा बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तर्ज पर इसकी शुरुआत की गई है। इस ‘डैशबोर्ड’ की मदद से बोम्मई एक डिजिटल मंच के जरिए विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं, जो प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि वह सात नवंबर को दिल्ली नहीं जाएंगे और यहां पार्टी कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेंगे।

बोम्मई ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में सात-सात रुपये प्रति लीटर की कमी के अपनी सरकार के फैसले के संबंध में कहा, 'ईंधन की कीमतों को कम करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद मैंने केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से बात की। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि राज्य भी कीमतों में कटौती करें। मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और इस पर फैसला किया।’

उन्होंने कहा कि कीमतों में कटौती बृहस्पतिवार शाम से प्रभावी होगी और इससे राज्य के खजाने को 2,100 करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान होगा।

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 'जनसेवक' पहल को 26 जनवरी से राज्य भर में शुरू किया जाएगा। इस पहल के तहत सरकारी सेवाओं को लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल को चरणों में लागू किया जाएगा और इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

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