सांकेतिक चित्र
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बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक में लगभग नौ महीने के बाद शुक्रवार को विद्यालयों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों (पीयूसी) को कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों के साथ विद्यार्थियों के लिए खोला गया।

दसवीं और 12वीं (प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज) के विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार से कक्षाएं शुरू हो गईं। इन दोनों ही कक्षाओं के विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। छठी से लेकर नौवीं कक्षाओं के बच्चे विद्यागम कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसरों में पहुंचे हैं। कोरोना काल में विद्यालयों के खुलने की अनिश्चितताओं के बीच सरकार ने बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी।

माता-पिता के अनुमति पत्र के साथ बच्चे मास्क लगाए हुए विद्यालयों और पीयूसी पहुंचे तथा थर्मल जांच और हाथों में सैनिटाइजर लगाने के बाद वे कक्षाओं में गए। कक्षाओं के भीतर भी विद्यार्थी सामाजिक दूरी नियमों का पालन करते हुए बैठे देखे गए। खबरों के मुताबिक शुक्रवार को साल का पहला दिन होने की वजह से भी सभी विद्यार्थी विद्यालय नहीं आए थे।

महामारी के बीच विद्यालयों एवी पीयूसी को खोलने को लेकर राज्य में कुछ विरोध भी है जबकि शिक्षा मंत्री समेत कई और लोगों का विचार है कि सुरक्षा कदमों के साथ विद्यालयों और कॉलेजों का खोला जाना खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में जरूरी हो गया था क्योंकि ऑनलाइन शिक्षा ज्यादातर नदारद है जिससे उनके मजदूरी करने के मामले भी सामने आए हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए विद्यालय और कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।

प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने कई स्थानों पर विद्यालयों और पीयूसी कॉलेजों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है कि क्योंकि सभी एहतियाती कदमों का पालन कड़ाई से हो रहा है।