ट्रेन में वाहनों को लोड करते हुए
ट्रेन में वाहनों को लोड करते हुए

बेंगलूरु/हुबल्ली/दक्षिण भारत। दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) ने एक और कीर्तिमान रचते हुए, अपनी 50वीं नई संशोधित मालगाड़ी (एनएमजी) को हरी झंडी दिखाई, जो एक सौ कारों (एसयूवी) से पूरी तरह भरी हुई थी। यह ट्रेन पेनुकोंडा (बेंगलूरु के पास) रेलवे स्टेशन से हरियाणा के गुरुग्राम रवाना हुई। दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्यालय द्वारा बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

किआ मोटर्स की इन कारों का निर्माण संयंत्र पेनुकोंडा के पास, 25 एनएमजी में है। इसे ऑटोमोबाइल माल की आसान आवाजाही को लेकर सुविधाजनक बनाने के लिए संशोधित किया गया है। ट्रेन को एसडब्ल्यूआर के महाप्रबंधक एके सिंह द्वारा हुबल्ली में अपने मुख्यालय में वीडियो लिंक के माध्यम हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पेनुकोंडा स्टेशन दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलूरु डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2020-21 के वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान, एसडब्ल्यूआर लगातार हर महीने पेनुकोंडा के पास किआ मोटर्स के विनिर्माण संयंत्र से कारों से भरी दस ट्रेनों (रेक) की दर से अलग-अलग स्थलों पर लोड हो रहा है। हाल ही में किआ मोटर्स की कारों से भरी एक ट्रेन पेनुकोंडा से नेपाल गई थी।

अब तक, कुल 4,980 कारें, जिनमें कल की लोडिंग भी शामिल है, पेनुकोंडा स्टेशन से फारुख नगर पहुंचाई गईं। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने इन कारों के लोडिंग और परिवहन की सुविधा के लिए विशेष रूप से पेनुकोंडा स्टेशन पर एक खास साइडिंग की स्थापना की है। बयान में कहा गया है कि प्रत्येक ट्रेन (रेक) में आमतौर पर 100 कारें होती हैं।

बेंगलूरु डिवीजन मुख्य रूप से कच्चे माल और आवश्यक वस्तुओं का परिवहन कर रहा था। इसे पहली बार ऑटोमोबाइल की लोडिंग में लगाया गया जब इस साल अप्रैल में डोड्डाबल्लापुर रेलवे स्टेशन से राजस्थान के फुलेरा तक 175 ट्रैक्टर पहुंचाए गए। इस प्रकार, साल में अब तक 47 ट्रेनों (रेक) के जरिए डोड्डाबल्लापुर रेलवे स्टेशन से वाहन निर्माता टैफे के मुख्यत: ट्रैक्टरों का परिवहन किया गया।

दूसरी ओर, एसडब्ल्यूआर के मैसूरु डिवीजन को भी ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं और देश में विभिन्न क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल माल परिवहन के लिए एनएमजी ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है।

इस महीने की 10 तारीख को, एक एनएमजी ट्रेन जिसमें 1,000 टीवीएस दोपहिया वाहन थे, मैसूरु डिवीजन के कड़ाकोला से असम के चंगसारी स्टेशन भेजी गई। पिछले साल एनएमजी ट्रेनों को लोड करने के ऑर्डर लगभग शून्य थे। हालांकि, हाल में गठित व्यावसायिक विकास इकाइयों के व्यापक विपणन प्रयासों से रेलवे ने यातायात की नई धाराओं को हासिल करने में कामयाबी पाई। इससे अर्थव्यवस्था के चक्र को चलाने में योगदान दिया गया जो कोरोना महामारी के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुई थी।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इस अवसर पर किआ मोटर्स के लॉजिस्टिक्स प्रमुख जॉन सू किम और एसडब्ल्यूआर के कई वरिष्ठ अधिकारी पेनुकोंडा रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे।