चेन्नई/दक्षिण भारत। क्या चेन्नई देश की व्यापारिक राजधानी (ट्रेड कैपिटल) बनने की क्षमता रखताी है? एसपीआर समूह ने हाल में मार्केट ऑफ इंडिया एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया। समूह के हितेश कवाड ने बताया कि मार्केट ऑफ इंडिया प्रोजेक्ट इसी को लेकर है।

समूह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पूरे भारत के लिए है, केवल एसपीआर समूह के लिए नहीं। हितेश कवाड के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली को राजनीतिक राजधानी और मुंबई को वित्तीय राजधानी माना जाता है; तो चेन्नई को व्यापारिक राजधानी का स्वरूप क्यों न दिया जाए?

हितेश कवाड कहते हैं, चेन्नई स्वर्ण, मसालों, अनाज, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, कपड़ा और विभिन्न सामानों के लिए प्रसिद्ध है। यह अद्वितीय रिटेल व्यापार के लिए भी पहचान रखता है। लिहाजा यदि योग्य आंतरिक ढांचा खड़ा किया जाए तो इसमें देश की व्यापारिक राजधानी बनने की भरपूर संभावनाएं हैं।

हितेश कवाड बताते हैं, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, मध्य पूर्व और अमेरिका सहित कई देशों के साथ मजबूत जनसांख्यिकीय संबंधों के कारण भी चेन्नई एक खास स्थान रखता है। इसलिए समूह ने चेन्नई को इस लक्ष्य के लिए चुना है।

हितेश कवाड के अनुसार, मार्केट ऑफ इंडिया की दुकानों और आंतरिक ढांचे को समझने के लिए एक्सपीरियंस सेंटर को जानना होगा। उन्होंने बताया, चूंकि नई दुकान शुरू करने में टैक्स फाइलिंग और प्रोपर्टी टैक्स जैसी कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसलिए समूह पहले पांच साल के लिए ये सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराएगा।