तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी

चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने सोमवार को चेन्नई और चेंगलपट्टू, कांचीपुरम व तिरुवल्लुर जिलों के कुछ हिस्सों में 12 दिनों के लिए संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की। यह लॉकडाउन 19 जून से 30 जून तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, सरकार ने आवश्यक सेवाओं के संचालन की अनुमति दी है।

पलानीस्वामी द्वारा यह घोषणा सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा विशेषज्ञों की सिफारिशों और दोपहर हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद की गई। उन्होंने कहा कि 21 और 28 जून (रविवार) को कोई छूट नहीं दी जाएगी। हालांकि, इन दो दिनों में भी दूध की आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि किराने की दुकानों और पेट्रोल पंपों को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच काम करने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान शारीरिक दूरी संबंधी नियमों का पालन करना होगा। सब्जियां और फल बेचने वाली रेहड़ी आदि को इस अवधि में संचालन की अनुमति होगी।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘जनता को सलाह दी जाती है कि वह वाहनों का उपयोग किए बिना और उन दुकानों से आवश्यक सामान खरीदे जो निवास स्थान से दो किमी के भीतर स्थित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, बैंकों को 29 और 30 जून को 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्य संचालन की अनुमति होगी। एटीएम और संबंधित बैंकिंग सेवाएं एवं परिवहन हमेशा की तरह काम करते रहेंगे। सार्वजनिक वितरण दुकानें सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच काम करेंगी।

उन्होंने कहा, हालांकि ऑटोरिक्शा, टैक्सी और निजी वाहनों को पूर्ण लॉकडाउन के दौरान अनुमति नहीं दी जाएगी। चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए किराए की कैब, ऑटोरिक्शा, टैक्सी और निजी वाहनों को अनुमति दी जाएगी।

रेस्तरां और भोजनालयों में केवल सामग्री पैक करवाकर ले जाने जैसी सेवाएं संचालित की जा सकेंगी। चाय की दुकानें नहीं खुलेंगी। फूड डिलिवरी सेवाओं के संचालन की अनुमति होगी लेकिन इस कार्य से जुड़े लोगों को अपने नियोक्ताओं से आवश्यक आईडी कार्ड प्राप्त कर लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अम्मा कैंटीन काम करना जारी रखेंगी, इसी प्रकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए स्थानीय निकायों द्वारा सामुदायिक रसोई का संचालन जारी रहेगा। गैर-सरकारी संगठन और अन्य ऐसे संगठन जो आम जनता की सहायता करते हैं, अधिकारियों से आवश्यक अनुमति लेकर काम कर सकते हैं।

मीडिया हाउस और अदालतें काम करती रहेंगी। यदि श्रमिक साइट पर उपलब्ध हैं तो निर्माण गतिविधियों की अनुमति है। माल की आवाजाही और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘केवल वे लोग जो शादी, उपचार, अंतिम संस्कार जैसे कार्यों के लिए चेन्नई से अन्य जिलों में जाते हैं तो उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर ई-पास प्रदान किए जाएंगे।’

उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाली ट्रेनों और उड़ानों के लिए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और अन्य देशों के जहाजों और उड़ानों के लिए भी यही लागू होगा।

केंद्र सरकार के कार्यालय और राज्य सरकार के कुछ विभाग केवल 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करेंगे, जबकि कंटेनमेंट जोन में रहने वालों को काम के लिए रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं है और इस संबंध में अधिकारियों से पूर्व अनुमति जरूरी होगी।