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तमिलनाडु: आरटीई के तहत दाखिले में मदद के लिए विधायक ने लगाया शिविर
 
तमिलनाडु: आरटीई के तहत दाखिले में मदद के लिए विधायक ने लगाया शिविर
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

प्रमाण पत्रों से लेकर फॉर्म भरने में मदद करेंगे स्वयंसेवक

चेन्नई/दक्षिण भारत। कोरोना काल में स्कूली पढ़ाई में काफी दिक्कतें आई हैं। इस बीच तमिलनाडु के एक विधायक निजी स्कूलों में आरटीई के जरिए दाखिले को लेकर परिवारों की मदद कर रहे हैं। इसके लिए वे शिविर लगाकर लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं।

विधायक एज़िलन ने बताया कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षित और अशिक्षित व्यक्तियों के बीच बड़ा अंतर देखा।

विधायक के अनुसार, थाउज़ेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र में दैनिक वेतन भोगियों की बड़ी आबादी है। उनके बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने और आरटीई अधिनियम के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करने लिए गैर सरकारी संगठन ‘कदल’ के स्वयंसेवकों की मदद से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर के माध्यम से माता-पिता अपने बच्चों के लिए आरटीई अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं।

बमा दें कि अधिनियम में कहा गया है कि निजी स्कूलों को बीपीएल परिवारों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करनी होंगी। राज्य के 10,000 से अधिक निजी स्कूलों में आरटीई के तहत करीब 1.12 लाख सीटें हैं। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 30 जुलाई तक चलेगी और इस तारीख तक शिविर लगाया जाएगा।

विधायक ने बताया कि बच्चों के माता-पिता की मदद के लिए 30 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लेक एरिया, नुंगमबक्कम में उनके कार्यालय में दो स्वयंसेवक मौजूद रहेंगे। वे उन्हें आवश्यक प्रमाणपत्रों के बारे में बताएंगे और फॉर्म भरने में मदद भी करेंगे।

एज़िलन ने कहा, चूंकि यह महामारी का समय है, इसलिए हम नहीं चाहते थे कि भीड़ इकट्ठी हो। इसलिए तारीख 30 जुलाई तक की गई है, जो उनके लिए सुविधाजनक रहेगी।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वे अपने बेटे के लिए एलकेजी प्रवेश फॉर्म भरने आए थे। यह शिविर उनके लिए मददगार साबित हुआ। स्वयंसेवकों ने उन्हें फॉर्म भरने और प्रमाण पत्र आदि प्राप्त करने में मदद की।

विधायक ने बताया कि 30 जुलाई के बाद निर्वाचन क्षेत्र के हर निजी स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा ताकि आरटीई प्रवेश की स्थिति की जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि सीटें खाली होंगी तो उनके कार्यालय में जमा फॉर्म भेजे जाएंगे ताकि अधिनियम के तहत सभी सीटें भरी जाएं।