तमिलनाडु: एमएसएमई के लिए नई नीति जारी, 2025 तक 2 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

भारतीय मुद्रा। फोटो स्रोत: PixaBay
भारतीय मुद्रा। फोटो स्रोत: PixaBay

चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु सरकार एमएसएमई क्षेत्र में अगले चार वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश लाने के लिए एक नई नीति लाने पर विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने हाल में जो नीति जारी की, उसमें इस क्षेत्र के 20 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजित करने और राज्य में एमएसएमई से निर्यात में 25 प्रतिशत की वृद्धि करने की योजना है।

नीति के अनुसार, एमएसएमई व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भावी विदेशी निवेशकों को कई तरह की सेवाएं प्रदान करने के साथ ही नए उद्योगों की स्थापना और उन्हें प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

वहीं सरकार के मुताबिक इस नीति के ज़रिए विजन 2023 को साकार किया जाएगा जिसके अनुसार एमएसएमई के लिए राज्य एशिया का सबसे पसंदीदा निवेश करने वाला गंतव्य बनेगा।

इसके अलावा जिला उद्योग केंद्र, विदेश व्यापार विभागों के साथ समन्वय में जिलों में निर्यात क्षमता का विश्लेषण करने के बाद जिलों में निर्यात केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए एक सक्रिय भूमिका निभाएगी।

नीति के तहत राज्य एस्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड मेंटेनेंस फंड के लिए 500 करोड़ रुपए का कोष स्थापित किया जाएगा जिसके लिए प्रारंभ में 100 करोड़ रुपए की राशि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जारी की जाएगी।

वहीं एमएसएमई में प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादकता में सुधार करने के लिए राज्य पर्यावरणीय स्थिरता और गुणवत्ता मानकों को अपनाने के लिए भी नए दिशा निर्देश जारी करेगा। इस नीति की समीक्षा एमएसएमई निवेश संवर्धन और निगरानी बोर्ड द्वारा की जाएगी।