चेन्नई। केन्द्रीय स़डक परिवहन एवं छोटे बंदरगाह राज्य मंत्री पोन राधाकृष्णन ने शुक्रवार को चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट में बुलाई गई बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा लागू की जा रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। मंत्री ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के दौरान पाया कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया गया है। हालांकि नई परियोजनाओं को शुरु नहीं किया गया है। नई परियोजना शुरु करने के लिए आवश्यक विभिन्न पहलुओं जैसे की पार्यावरण और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र और जमीन की उपलब्धता आदि के बारे में समीक्षा करने के बाद उन्होंने पाया कि राज्य में ५०० किलोमीटर लंबी स़डक निर्माण परियोजना को मंजूरी दी जा सकती है।उन्होंने बैठक के दौरान सभी पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद कहा कि मौजूदा वर्ष मेेंं राज्य में १० हजार करो़ड रुपए की परियोजनाएं शुरु की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में १८० किलोमीटर लंबी स़डक बनाने और मौजूदा समय में उपलब्ध स़डकों का चौ़डीकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को अधिकारियों द्वारा नियमित रुप से कार्यों की निगरानी करने और व्यक्तिगत प्रयासों से पूरा किया जा सकता है। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने चेन्नई पोर्ट और मदुरावोयल के बीच बनने वाले इलिवेटेड कोरीडोर के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।ज्ञातव्य है कि मदुरावोयल और चेन्नई पोर्ट के बीच बनाई जा रही स़डक की डिजाइन भारत सरकार के विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर तैयार की गई है। मंत्री को इस बात की सूचना दी गई कि इस स़डक के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इसकी परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है और अगने एक महीने में यह रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। मंत्री ने इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में होने वाली बढोत्तरी पर चिंता जाहिर की और अधिकारियों को स़डक दुर्घटनाओं की संख्या कम करने की दिशा में समुचित कदम उठाने का निर्देश दिया।