चेन्नई। पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन गैर कानूनी टेलीफोन कनेक्शन मामले में मंगलवार को मुख्य आरोपियों के तौर पर सीबीआई अदालत में पेश हुए। मामले में पांच अन्य आरोपी भी विशेष सीबीआई न्यायाधीश जवाहर के समक्ष पेश हुए। न्यायाधीश ने आरोप तय करने के लिए मामले को २८ जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया।सीबीआई ने नौ दिसंबर, २०१६ को दयानिधि मारन, कलानिधि मारन तथा दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। आरोप है कि कलानिधि मारन के आवास पर ७६४ तीव्र गति वाली डाटा लाइन का इस्तेमाल किया गया जिसका उपयोग सन टीवी चैनल द्वारा हुआ और इससे सरकारी खजाने को १.७८ करो़ड रुपए की चपत लगी। ये संचार सुविधिाएं गैर कानूनी ढंग से सेवा श्रेणी में थीं जिनका बिल भी नहीं बना। यह २००४ से २००७ के बीच मामला है।सन टीवी के मुख्य तकनीकी सहायक एस कन्नन, दयानिधि मारन के तत्कालीन निजी सचिव वी गौतमन, सन टीवी में इलेक्ट्रीशियन केएस रवि, बीएसनएल के कर्मचारी केबी ब्रह्मदत्त और एन पी वेलुचामी भी सीबीआई अदालत में पेश हुए। मामले के सभी आरोपियों को आरोपपत्र की प्रतियां सौंपी गईं।