चेन्नई। रिफत शारुक की अगुवाई वाली युवा वैज्ञानिक टीम को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ईडाप्पाडी के पलानीसामी ने बुधवार को राज्य सचिवालय में १० लाख रुपए का चेक प्रदान किया। इस टीम ने ६४ ग्राम वजन वाले सैटेलाइट को विकसित किया है जिसे नासा द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने २६ जून को रिफत शारुक और उनकी टीम के सदस्यों को १० लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की थी। इस सेटेलाइट को बनाने वाली टीम में जिसमें यज्ञ साईं, विनय भारद्वाज, तनिष्क त्रिवेदी, गोपीनाथ और मोहम्मद अबुलद कासिफ शामिल हैं।नासा द्वारा आयोजित ’’क्यूब्स इन स्पेस’’ प्रतियोगिता में और ’’आई डूडल लर्निंग’’ में ५७ देशों की टीमों द्वारा प्रस्तुत ८६,००० डि़जाइनों में से रिफत और उनकी टीम द्वारा बनाए गए उपग्रह का चयन किया गया था। मुख्यमंत्री ने १८ वर्षीय शरूक और टीम के छह अन्य सदस्यों की सराहना की और कहा कि यह पुरस्कार इन मेधावी विद्यार्थियों को भविष्य में और अधिक उपलब्धियों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि ’’कलाम सैट’’ को २२ जून को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में ८०,००० मॉडलों के बीच प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया था।उल्लेखनीय है कि रिफत करूर जिले के पल्लपट्टी के विद्यालय के छात्र हंै। रिफत और उनकी टीम को ’’स्पेसकिड्स’’ द्वारा सहायता प्रदान की गई थी, जो विज्ञान, कला और संस्कृति को ब़ढावा देने वाला एक संगठन है। स्पेसकिड्स वेबसाइट के मुताबिक, कलाम सैट ’’फेम्टो श्रेणी’’ का ३.८ सेमी घन का उपग्रह है और इसका वजन ६४ ग्राम है। यह संरचना पूरी तरह से ३ डी प्रिंटेड कार्बन फाइबर पॉलिमर के साथ तैयार किया गया है जिसमें जटिल कार्बन फाइबर का उपयोग किया गया है।अब्दुल कलाम के नाम पर इस छोटे उपग्रह को नासाके रॉकेट द्वारा ंतरिक्ष एजेंसी की वॉलॉप द्वीप पर स्थित प्रक्षेपण केन्द्र से प्रक्षेपित किया गया था। कलाम ने ६० के दशक में वालपस आइलैंड में ध्वनि रॉकेट कार्यक्रम में प्रशिक्षण लिया था। उल्लेखनीय है कि नासा द्वारा प्रक्षेपित सेटेलाइटों में कलाम सैट अकेला भारतीय पे लोड था। बाकी अन्य पेलोड अर्थात प्रक्षेपित किए जाने वाले सेटेलाइट अमेरिका के साथ ही इसके अन्य अंतरिक्ष सहयोगी देशों के थे। रिफत शारुक और उनकी टीम को पुरस्कार प्रदान के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री केपी अनबलागन, मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन, उच्च शिक्षा सचिव सुनील पालीवाल, अन्ना विश्वनासा ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार गणेशन, स्पेस किड्स मिशन की निदेशक श्रीमती केसन और अन्य सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे।