नागरकोइल। केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने राज्य भर में सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संयुक्त रुप से की जा रही तालाबों, टैंकों, झीलों और नदियों से गाद की सफाई में अनियमितता होने का आरोप लगाया है। उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि निजी ऑपरेटरों द्वारा रेत खनन की जा रही है और अतिरिक्त लागत पर बेची जा रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नदियों और अन्य जल निकायों से गंदगी को दूर करने में किसानों को काम नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जल निकायों का जल संग्रहण बढाने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों में अब अनियमितताएं हो रही हैं। ऐसी स्थिति में, सरकार को नदी और अन्य जल निकायों के किनारे और उनके तल से गाद की सफाई करने के आदेश को वापस लेना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में निजी स्कूल अभिभावकों से अत्यधिक शुल्क एकत्र कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की कई शिकायतें मिल रही हैं। निजी स्कूलों द्वारा इस प्रकार की मनमानी चेन्नई सहित अन्य स्थानों पर हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में भारी भ्रष्टाचार है। हालांकि, मौजूदा समय में शिक्षा मंत्री ने विभाग में कई बदलाव किए हैं और मैं इसके लिए उनकी सराहना करता हूं। राधाकृष्णन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से उन संस्थाओं की निगरानी करने का भी आग्रह किया जो अत्यधिक शुल्क ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिक्षण संस्थानों के अ खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।चार लेन राजमार्गों को छह-लेन में बदलने के प्रस्ताव पर केंद्रीय स़डक परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी राज्य मंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करने में कुछ समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई और चेंगलपेट के बीच चार लेन की स़डकों के रूपांतरण के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें सुलझाने की जरुरत है। इन मुद्दों को सुलझाने में राज्य सरकार को केन्द्रीय विभागों को मदद करनी चाहिए। किसानों और जमीन मालिकों से इस दिशा में बातचीत की जा रही है लेकिन अभी तक कुछ पहलुओं पर सहमति नहीं बन सकी है। उन्होंने कहा, हाई स्पीड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भी एक प्रस्ताव रखा गया है और जल्द ही इस परियोजना के लिए भी मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है।