बीडीए में तकनीक को मिलेगा बढ़ावा, खत्म करेंगे भ्रष्टाचार: येडियुरप्पा

मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: सीएम का ट्विटर अकाउंट।
मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: सीएम का ट्विटर अकाउंट।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने विधानसभा में कहा कि अगले चार या पांच महीनों में बेंगलूरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक की शुरुआत के अलावा बीडीए को लोगों के अनुकूल बनाया जाएगा।सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए उपाय करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जून 2020 से 400 करोड़ रुपए के कई अवैध रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। इसके अलावा, 300 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपए है, के अतिक्रमण का पता लगाया गया है। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं और अतिक्रमित भूमि का बीडीए द्वारा पुनर्ग्रहण किया गया है। इसके अलावा 2019 के बाद से 22 अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीडीए की प्रणाली पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत होगी। बीडीए ई-नीलामी के लिए जियोटैग का उपयोग करेगा, ताकि कोई भी दुनिया में कहीं से भी साइटों की जांच कर सके। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में, 1,572 साइटों की नीलामी की गई और 1,422 करोड़ रुपए राजस्व एकत्र हुआ है, जो सर्वाधिक है।

मुख्यमंत्री ने केजी लेआउट के बारे में कहा कि विभिन्न आयामों की 22,521 साइटें आवंटित की गई हैं। यहां जलापूर्ति और जल निकासी पर काम चल रहा है। इसी प्रकार, अरकवती लेआउट के लिए इस महीने के अंत तक 2,000 साइटें किसानों और जमीन के मालिकों को दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराम कारंथ लेआउट का काम भी प्रगति पर है। बीडीए अधिनियम में एक संशोधन लाया जा रहा है। यह उन अधिकारियों के लिए है जो तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह काम कर रहे हैं। उन्हें अन्य शहरी विकास बोर्डों में स्थानांतरित किया जाएगा।