ये हैं वो नाम जिन्होंने पद्म सम्मानों से बढ़ाया देश का मान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो: यूएनआई ट्विटर अकाउंट।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो: यूएनआई ट्विटर अकाउंट।

बेंगलूरु/चेन्नई/दक्षिण भारत। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। ये वह लोग हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में मानव जीवन को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इस बार कुल 119 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। इनमें भारत के अलावा बांग्लादेश, स्पेन, अमेरिका, ग्रीस, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और जापान के नागरिक भी हैं। यहां जानिए, इनमें से कुछ नामों के बारे में …

डॉ. बेल्ले मोनप्पा हेगड़े
डॉ. हेगड़े को पद्म विभूषण पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदान किया गया है। डॉ. हेगड़े का जन्म 18 अगस्त, 1938 को हुआ था। वे देश के जानेमाने कार्डियोलॉजिस्ट, शिक्षाविद् एवं लेखक हैं।

चंद्रशेखर काम्बरा
ये कन्नड़ भाषा के प्रसिद्ध विद्वान, लेखक, नाटककार हैं। चंद्रशेखर काम्बरा का जन्म 2 जनवरी, 1937 को हुआ था। ये शिक्षा, साहित्य, संस्कृति का प्रसार करने वाली अनेक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। चंद्रशेखर काम्बरा की रचनाएं बहुत लोकप्रिय हैं।

माता बी. मन्जम्मा जोगती
मन्जम्मा जोगती कर्नाटक में लोक कलाओं के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनका शुरुआती जीवन बहुत कष्टपूर्ण रहा। वे एक ट्रांसजेंडर हैं। जब उन्होंने कला के क्षेत्र में प्रवेश किया तो इससे यश प्राप्त हुआ। उन्हें 2010 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

रंगासामी लक्ष्मीनारायण कश्यप
इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विशेषज्ञ कश्यप वर्तमान में अमेरिका में प्रोफेसर हैं। उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। वे श्री अरबिंदो कपाली शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक संस्कृति के निदेशक हैं। वे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पेपर के लिए जेसी बोस पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने ऋग्वेद संहिता, कृष्ण यजुर्वेद संहिता और सामवेद, अथर्ववेद का अनुवाद किया है।

एसपी बालासुब्रमण्यम
पार्श्व गायक एसपी बालासुब्रमण्यम को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। उनका पिछले साल सितंबर में 74 साल की उम्र में निधन हो गया था। बालासुब्रमण्यम ने तमिल और अपनी मातृभाषा तेलुगु, हिंदी समेत 16 भाषाओं में गाने गए थे। उन्हें गायकी से दिलों को जीतने वाला सुरों का जादूगर कहा जाता है।

पी. अनीता
पद्मश्री से सम्मानित पी अनीता भारतीय महिला राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम की कप्तान रही हैं। उनके नाम विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 30 पदक दर्ज हैं। वे राष्ट्रीय सीनियर महिला बास्केटबॉल टीम की कप्तानी करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं और आठ साल तक इसकी कप्तान रहीं। वे राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों जैसे कई बड़े खेल आयोजनों में भाग ले चुकी हैं।

सुब्बु अरुमुगम
सुब्बु अरुमुगम को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्हें तमिलनाडु सरकार द्वारा 2019 में कलाईमामणि पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। तिरुनेलवेली जिले में जन्मे सुब्बु अरुमुगम को 17 साल की उम्र में कॉमेडियन एनएस कृष्णन ने विलुप्पट्टू से परिचय करवाया था। उन्होंने फिल्मों के संवाद भी लिखे हैं।

सोलोमॉन पोप्पिया
तमिलनाडु के 84 वर्षीय सोलोमॉन पोप्पिया पद्मश्री पुरस्कारों के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा सूचीबद्ध प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हैं। वे तमिल विद्वान और टेलीविजन एंकर हैं। उन्हें साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता श्रेणी में शामिल किया गया है।

पप्पाम्मल
पप्पाम्मल को कृषि के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वे 105 साल की उम्र में भवानी नदी के किनारे स्थित गांव थेक्कमपट्टी में अपने खेत में काम करती हैं। वे ढाई एकड़ जमीन में बाजरा, दाल और सब्जियों की खेती करती हैं। वे एक प्रोविजन स्टोर और भोजनालय भी चलाती है। वे लोगों को सादा जीवन जीने और प्रकृति के निकट रहने की सीख देती हैं। वे 1959 में थेक्कमपट्टी पंचायत की पार्षद रह चुकी हैं।

बाम्बे जयश्री रामनाथ
बॉम्बे जयश्री रामनाथ संगीतकार हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों सहित कई भाषाओं में गाया है। संगीतकारों के परिवार में जन्मीं जयश्री अपने परिवार में संगीतज्ञों की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। लालगुडी जयरामन और टीआर बालमणि द्वारा प्रशिक्षित जयश्री को देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री प्रदान किया गया है।

केसी शिवशंकरन
केसी शिवशंकरन दिग्गज कलाकार थे। 19 जुलाई 1924 को जन्मे शिवशंकरन का पिछले साल सितंबर में निधन हो गया। उन्होंने कई लोकप्रिय पत्रिकाओं के लिए चित्र बनाए थे। उनकी ‘विक्रम और बैताल’ शृंखला की पेंटिंग बहुत प्रसिद्ध हुई थी। उन्हें कला के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

मराची सुब्बुरमन
मराची सुब्बुरमन तिरुचि-स्थित गैर-सरकारी संगठन सोसाइटी फॉर कम्युनिटी ऑर्गेनाइज़ेशन एंड पीपुल्स एजुकेशन के निदेशक हैं। उन्होंने इस संगठन के माध्यम से महिला सशक्तीकरण और आजीविका, वाटरशेड विकास और पारिस्थितिक स्वच्छता पर परियोजनाएं शुरू की हैं, जो कि अपशिष्ट से खाद बनाने में विशेषज्ञता रखती है। उन्होंने बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण करवाया है। मराची सुब्बुरमन को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया है।

पी. सुब्रमण्यन
पी सुब्रमण्यन कोयंबटूर के प्रसिद्ध उद्यमियों थे, जिन्होंने शहर में कताई मिलों की उन्नति पर ध्यान केंद्रित किया था। उन्होंने अपने उद्यम को बढ़ाते हुए कंपनी स्थापित की जिससे अनेक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ। सुब्रमण्यन धर्मार्थ गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। उनका ट्रस्ट समाज के वंचित वर्ग के लोगों को शिक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा ब्लड बैंक, अस्पताल, फार्मेसी और निशुल्क कैंटीन का संचालन किया जाता है। उन्हें व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्मश्री प्रदान किया गया है।

डॉ. तिरुवेंगडम वीराराघवन
डॉ. वीराराघवन को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनका पिछले साल अगस्त में निधन हो गया। वे ‘दो रुपए वाले डॉक्टर’ के नाम से जाने जाते थे और लोगों के बीच उनका बहुत सम्मान था। वे धर्मार्थ क्लिनिक चलाते ​थे जिससे असंख्य लोगों को स्वास्थ्यलाभ हुआ। वे 1973 से सेवाएं दे रहे थे।

श्रीधर वेम्बू
आईआईटी मद्रास और प्रिंसटन विश्वविद्यालय से स्नातक वेम्बू का जन्म तमिलनाडु के तेनकासी में हुआ था। वे अरबपति उद्यमी हैं जिन्हें जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और सीईओ के तौर पर जाना जाता है। उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।