बड़े सोशल मीडिया मंचों के स्पष्ट रूप से ‘दोहरे मानदंड’ हैं: मोहनदास पई

मोहनदास पई। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।
मोहनदास पई। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

बेंगलूरु/भाषा। सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की दिग्गज शख्सियत टीवी मोहनदास पई ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार और देश के कानूनों को नागरिकों की गोपनीयता को परिभाषित और संरक्षित करना चाहिए और साथ ही उन्होंने वॉट्सऐप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों पर ‘दोहरे मानदंड’ का आरोप लगाया।

सरकार के नए डिजिटल नियमों पर व्हाट्सएप द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करने के बारे में पूछने पर पई ने कहा, ‘अदालत को फैसला करने दीजिए, वॉट्सऐप को नहीं।’ इंफोसिस लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ने भविष्यवाणी की, ‘यह मामला उच्चतम न्यायालय में जाएगा।’

उन्होंने कहा कि बड़ा मुद्दा यह है कि क्या एक निजी सोशल मीडिया मंच को एकतरफा अनुबंध के माध्यम से ऐसे मामलों का फैसला करना चाहिए या इसके लिए नियम बनाना चाहिए। पई ने कहा, ‘ये मंच अब सार्वजनिक उपयोगिता बन गए हैं क्योंकि करोड़ों लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। हमारा डेटा सुरक्षित नहीं है। वे अमेरिकी कानून के अधीन हैं और उनकी सुरक्षा एजेंसियों के पास हमारे डेटा तक पूर्ण पहुंच है। तो गोपनीयता कहां है?’

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘स्पष्ट रूप से उनके (वॉट्सऐप) दोहरे मानदंड हैं। हमारी सरकार और हमारे कानून को हमारी गोपनीयता को परिभाषित और संरक्षित करना चाहिए, न कि इन मंचों को।’

नए सूचना प्रौद्योगिकी नियम बुधवार 26 मई से प्रभाव में आएंगे और इनकी घोषणा 25 फरवरी को की गई थी। इस नए नियम के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसी बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं।

प्रमुख सोशल मीडिया मंचों को नए नियमों के अनुपालन के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। इस श्रेणी में उन मंचों को रखा जाता है, जिनके पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है। नियमों का पालन न करने के परिणामस्वरूप इन सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी मध्यस्थ की स्थिति खोनी पड़ेगी। यह स्थिति उन्हें किसी भी तीसरे पक्ष की जानकारी और उनके द्वारा ‘होस्ट’ किए गए डाटा के लिए दायित्वों से छूट और सुरक्षा प्रदान करती है। दूसरे शब्दों में, उन पर कार्रवाई की जा सकती है।