पेपर लीक में शामिल लोगों को किया जाएगा बर्खास्तः येडियुरप्पा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

‘किसान समर्थक है भाजपा सरकार, विरोध पर कोई आपत्ति नहीं’

शिवमोगा/दक्षिण भारत। कर्नाटक लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित एफडीए परीक्षा के पेपर लीक मामले पर मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को निलंबित नहीं, बल्कि दोषी पाए जाने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात की और जांच कराने को कहा है। उन्होंने कहा, पेपर लीक से जुड़े अपराधियों तक पहुंचने में जल्द ही जांच पूरी की जाएगी, किसी भी परीक्षा का पेपर लीक करना एक अपराध है।

गौरतलब है कि केपीएससी की ओर से 24 जनवरी को फर्स्ट डिवीजन असिस्टेंट (एफडीए) परीक्षा आयोजित की जानी थी जिसका पेपर परीक्षा से पहले लीक होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था।

वहीं केंद्र द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर राज्यभर में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए येडियुरप्पा ने कहा कि उन्हें विरोध पर कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, मैं बस यही चाहता हूं कि विरोध शांतिपूर्वक किया जाए। एक बात मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा सरकार किसान समर्थक है और सरकार के बारे में किसी को गलतफहमी नहीं रखनी चाहिए।

उन्होंने अनाधिकृत खदानों को नियमितीकरण के लिए आवेदन को लेकर विपक्ष के विरोध पर कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग अनाधिकृत खदानें चला रहे हैं, उन्हें नियमितीकरण के लिए आवेदन करना चाहिए जिसके बाद कानून की अनुमति मिलने पर वह खनन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खनन विभाग के संबंधित अधिकारियों से उन खानों को नियमित करने के आदेश दिए हैं जो सभी कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। अनाधिकृत खनन होने पर अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि केवल अधिकारी ही खनन की अनुमति दे सकते हैं। जो लोग अवैध रूप से खनन कर रहे हैं, उन्हें तुरंत रोकना चाहिए।