अब निवेशकों के दरवाजे पर एनओसी लाकर देगी सरकार: मुरुगेश निरानी

खान और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी। फोटो स्रोत: niranigroups.com
खान और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी। फोटो स्रोत: niranigroups.com

खदान मालिकों को सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। खान और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी ने निवेशकों को उनके दरवाजे पर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रदान करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं आपका प्रतिनिधि हूं। आपकी शिकायतों को मुख्यमंत्री तक ले जाऊंगा और उनका निवारण करूंगा। हम 90 दिनों में एनओसी जारी करने और आपके दरवाजे पर सेवा लाने की योजना बना रहे हैं।

बुधवार को बेंगलूरु पैलेस ग्राउंड में पत्थर खदान मालिकों के संघ द्वारा आयोजित सुरक्षा कार्यशाला को संबोधित करते हुए निरानी ने कहा कि विभिन्न खनन प्रस्तावों के लिए आवेदनों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को तेज करने के वास्ते एकल-खिड़की एजेंसी स्थापित की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि इस कदम से उम्मीद है कि लालफीताशाही से छुटकारा मिलेगा और इस क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी होगी। एकल-खिड़की एजेंसी के माध्यम से शीघ्र स्वीकृति निवेशकों को परियोजनाओं को शुरू करने और रोजगार उत्पन्न करने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में, छोटे खनिज क्षेत्र जैसे – रेत, पत्थर और ग्रेनाइट के निवेशकों को अपना उद्यम शुरू करने के लिए राजस्व, वन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे विभिन्न विभागों से एनओसी प्राप्त करने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब प्रस्तावित एकल-खिड़की एजेंसी बेहतर समन्वय के लिए इन विभागों को एकीकृत करेगी और परियोजनाओं को सहज और समयबद्ध तरीके से मंजूरी सुनिश्चित करेगी।

ओटीएस योजना
निरानी ने कहा कि सरकार ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) योजना पर विचार कर रही है ताकि खदान मालिकों पर लगने वाले जुर्माने को कम किया जाए। यह जुर्माना 6,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है और सरकार को संदेह है कि यह राशि इकट्ठी की जाएगी। इसके बजाय, ओटीएस योजना 6,700 करोड़ रुपए की आधी राशि लाएगी। खदान मालिकों को निपटान समितियों का सदस्य भी बनाया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि मालिकों ने रॉयल्टी और जीएसटी के रूप में बड़ी राशि का भुगतान किया है और यह राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई खानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप रॉयल्टी का नुकसान हुआ और खनन कंपनियों को संचालन बंद करने के लिए मजबूर किया गया जिसके परिणामस्वरूप राजस्व हानि और बेरोजगारी हुई।

साझा किया अपना अनुभव
एक व्यवसायी के रूप में अपने अनुभव को साझा करते हुए, निरानी ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने एक नवोदित उद्यमी के रूप में कठिनाइयों का सामना किया था। उन्होंने बताया, ‘मैंने व्यवसाय को स्थापित करने में बहुत कठिनाइयों का सामना किया। आज हमारे पास देश की सबसे बड़ी चीनी फैक्ट्रियों में से एक है। हम एशिया में इथेनॉल के सबसे बड़े उत्पादक हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में सेटअप का उद्घाटन करने के लिए बगलकोट में मुधोल गए थे। आज हमारी व्यावसायिक इकाई का वार्षिक कारोबार 5,000 करोड़ रुपए से अधिक है।

मंत्री ने कहा कि खान और भूविज्ञान विभाग एक नई खनन नीति पेश करेगा। उदारीकृत नीति निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल का निर्माण करेगी और कर्नाटक को व्यापार करने का एक आसान स्थान बनाएगी।

मुफ्त रेत आपूर्ति की योजना
निरानी ने कहा कि राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर 10 लाख रुपए से कम की लागत से घर बनाने वालों को मुफ्त रेत की आपूर्ति करने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव से आश्रय और अन्य योजनाओं के तहत घरों का निर्माण करने वाले लाखों लोगों की मदद मिलेगी। निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

मंत्री ने बताया कि हर जिले में खनिज भवन स्थापित किए जाएंगे। ये खनन क्षेत्र के सुचारु संचालन में मदद करेंगे और निवेशकों के लिए व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगे।