केनरा बैंक
केनरा बैंक

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने शनिवार को कहा कि ट्रांसस्ट्रॉय इंडिया लिमिटेड के खाते पर 678.28 करोड़ रुपए का ऋण जोखिम है, जो 10 फरवरी, 2020 को आरबीआई को धोखाधड़ी के रूप में सूचित किया गया था, जहां खाते में 100 प्रतिशत प्रावधान किया गया है।

साल 2001 में स्थापित मैसर्स ट्रांसस्ट्रॉय इंडिया लिमिटेड (टीआईएल) ठेकेदारी, इंजीनियरिंग के अलावा सड़कों, पुलों, सुरंगों, राजमार्गों के निर्माण आदि के कारोबार में है। कंपनी 2001 से मल्टीपल बैंकिंग व्यवस्था के तहत विभिन्न बैंकों से ऋण सीमा की सुविधा ले रही थी।

इसके बाद, साल 2013 में कैनरा बैंक के नेतृत्व और 13 अन्य बैंकों के साथ एक सहायता संघ का गठन किया गया था और स्वीकृत कुल सीमा 4765.70 करोड़ रुपए थी। वहीं, कैनरा बैंक का हिस्सा केवल 678.28 करोड़ रुपए है।

7926.01 करोड़ रुपए धोखाधड़ी राशि में से, सभी 14 संघ सदस्यों द्वारा दी गई उधार राशि 4765.70 करोड़ रुपए है। शेष राशि को मल्टीपल बैंकिंग व्यवस्था के तहत उधार दिया गया था। इसमें से केवल केनरा बैंक का ऋण भार 678.28 करोड़ रुपए है।

यह मामला एनसीएलटी को भेजा गया था और 10 अक्टूबर, 2018 को एनसीएलटी, हैदराबाद द्वारा स्वीकृत किया गया था। कंपनी परिसमापन की प्रक्रिया के तहत है। कंपनी को केनरा बैंक द्वारा 26 दिसंबर, 2018 को पहले ही विलफुल डिफॉल्टर (जान—बूझकर ऋण न चुकानेवाला) घोषित कर दिया गया है।