मतदाता पहचान पत्र सिर्फ वोट डालने के लिए, पते के सत्यापन के लिए नहीं

चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिया गया एक चित्र।
चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिया गया एक चित्र।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि मतदाता पहचान पत्र का उपयोग केवल चुनाव के लिए किया जा सकता है, कोई भी इसका इस्तेमाल पते के सत्यापन या किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं कर सकता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में ई-ऐप के लॉन्च पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें पाया गया है कि लोग वोटर कार्ड का इस्तेमाल घर और पते के सत्यापन के लिए कर रहे हैं जिससे निर्वाचन अधिकारियों से सत्यापन की जानकारी मांगी जा रही है।

उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसा करने से बचना चाहिए। आजकल घोटालेबाजों द्वारा नकली मतदाता पहचान पत्र बनाये जा रहे हैं जिससे लोगों के साथ धोखाधड़ी की आशंकाएं बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि आने वाले सभी चुनावों में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। नब्बे साल से ऊपर के नागरिक डाक मतपत्रों का उपयोग कर अपने घर से ही मतदान कर सकते हैं और अन्य मतदाताओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था भी की जा सकती है।

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव पी रवि कुमार ने कहा कि भारत में लोग चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तंत्र में शामिल होकर काम नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और प्रणाली को समझने के लिए युवा चुनाव आयोग में इंटर्नशिप कर चुनावों को सुचारु और परेशानी मुक्त बनाने में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह मोबाइल का युग है और आजकल युवाओं की दुनिया स्मार्टफोन में ही है। ऐसे में आयोग को अत्याधुनिक तकनीक के साथ युवाओं के पंजीकरण, मतदान और यहां तक कि मतदान के महत्व के बारे में लोगों को अवगत कराना चाहिए।