कहीं रंग में भंग न पड़ जाए

प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay

सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए हों विवाह आयोजन

श्रीकांत पाराशर
दक्षिण भारत राष्ट्रमत

लंबे समय से कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के चलते शादी जैसे मांगलिक कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए, यह सबको पता है। अब जैसे ही कोरोना लॉकडाउन में विभिन्न प्रकार की छूट देने की खबरें सामने आईं, वैसे ही जिन परिवारों में विवाह आयोजन रुके हुए थे, वे उत्साहित हो गए। यह स्वाभाविक है। उन्हें लगा कि अब पूर्ववत आयोजन हो सकेंगे परंतु सच्चाई इससे भिन्न है। सरकारी दिशानिर्देशों में विवाह आयोजनों के लिए सीमित छूट दी गई हैं। इसलिए जिनके परिवार में निकट भविष्य में विवाह होने जा रहे हैं, वे सरकारी नियम कानूनों की पुख्ता जानकारी लेकर ही आयोजन करें। कहीं ऐसा न हो कि रंग में भंग पड़ जाए और सारा आनंद हवा हो जाए।

आजकल सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारियां होती हैं, झूठे समाचारों का हवाला दिया जाता है और उनको सही मानकर लोग बड़े-बड़े होटलों में आयोजन तय कर देते हैं। फिर पुलिस वहां छापे की कार्रवाई करती है जिससे आयोजक परिवारजन तो मुसीबत में पड़ते ही हैं, आमंत्रित अतिथियों की भी किरकिरी होती है। परिवार को दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने में उकसाने का काम भी हमारे अपने मित्र ही करते हैं। कोई कहता है स्टार होटल में कौन देखने आता है तो कोई रिसोर्ट में फंक्शन करने की सलाह देता है। कभी-कभी होटल व रिसोर्ट संचालक पूरी जानकारी नहीं देते। पैसे के लालच में वे शादी के आयोजन की हामी भर देते हैं और बाद में जब परेशानी का सामना करना पड़ता है तब होटल या रिसोर्ट मालिक जिम्मेदारी से हाथ झटकने की कोशिश करते हैं।

हाल ही में कर्नाटक में एक फाइव स्टार होटल में पुलिस ने छापा मारकर खुशियों भरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। समझदारी इसी में है कि ऐसे आयोजनों से बचें बल्कि सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार सीमित संख्या में अतिथियों को बुलाएं, कुटुंबजन की संख्या भी सीमित रखें। अपने खास समझे जाने वाले पारिवारिक हितैषी यह भी सलाह देंगे कि किस प्रकार ज्यादा लोगों को आमंत्रित करके भी कम संख्या दिखाई जा सकती है, परंतु यह सब सुझाव समस्याओं को आमंत्रित करने वाले हैं।

बेंगलूरु पुलिस आयुक्त द्वारा जारी किया गया पत्र।
बेंगलूरु पुलिस आयुक्त द्वारा जारी किया गया पत्र।

हमें यह समझना होगा कि सरकार ने जो दिशानिर्देश जारी किए हैं वे सब हमारी सुरक्षा और भलाई के लिए हैं। यदि ज्यादा लोगों को बुलाकर हम भीड़ करेंगे तो हम पुलिस या प्रशासन को तो तिकड़म के जरिए धोखा दे देंगे लेकिन कोरोना को कैसे बेवकूफ बनाएंगे? कोरोना तो हर ऐसे आयोजन के किसी कोने में खड़ा हमारी हरकतें देख रहा होता है। वह मौका मिलते ही किस को चपेटे में लेगा, कहा नहीं जा सकता। और फिर जो श्रृंखला शुरू होती है तो परिणाम भयानक ही होते हैं। कोरोना किसी का सगा नहीं। हमें यह गलतफहमी भी नहीं होनी चाहिए कि कोरोना अब जा चुका है। ऐसी गलती पहली लहर के बाद की थी। उसका नतीजा दूसरी लहर के रूप में हमारे सामने आया और हमने बहुत कुछ खो दिया। यदि फिर गलती दोहराएंगे तो तीसरी लहर बिना समय गंवाये आ धमकेगी और हमें फिर लॉकडाउन की चारदीवारी में रहना होगा।

अलग-अलग प्रदेशों में शादी से संबंधित नियम कानून इस समय भिन्न भिन्न हैं। कर्नाटक में फिलहाल शादी की अनुमति सीमित संख्या में अतिथियों को बुलाकर घर पर आयोजन करने की है। अभी मंगलवार को ही नगर पुलिस आयुक्त कमल पंत ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि होटल रिसोर्ट्स में विवाह आयोजन की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है। उन्होंने सख्ती बरतते हुए कानून के उल्लंघन करने वालों से निपटने के आदेश दिए हैं। आने वाले समय में संभव है कि नए दिशानिर्देश जारी हों तथा और अधिक छूट दी जाएं परंतु अभी केवल किसी के कह देने मात्र से या किसी नेता छाप व्यक्ति के आश्वासन के भरोसे बड़े आयोजन करने की जोखिम न उठाएं, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं।