अब निगाहें अगले टी20 विश्व कप पर : मिताली

नई दिल्ली। पिछले १८ साल से भी अधिक समय से भारतीय महिला क्रिकेट की री़ढ बनी मिताली राज ने अभी अपने भविष्य को लेकर कुछ भी तय नहीं किया है तथा फार्म व फिटनेस होने पर वह अगले विश्व कप में भी खेल सकती हैं लेकिन फिलहाल उन्होंने निगाह अगले साल वेस्टइंडीज में होने वाली टी२० विश्व चैंपियनशिप पर टिका दी हैं। बीसीसीआई ने गुरुवार को यहां इंग्लैंड में हाल में संपन्न हुए आईसीसी महिला विश्व कप में उप विजेता रही भारतीय टीम की खिलाि़डयों को ५०-५० लाख रुपए और सहयोगी स्टाफ को २५-२५ लाख रुपए देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मिताली ने भविष्य की अपनी योजनाओं का भी खुलासा किया। मिताली से जब पूछा गया कि क्या वह अगले विश्व कप में भी खेलना चाहती हैं, उन्होंने कहा, एक खिला़डी होने के नाते हर कोई चाहता है वह खेले। जब तक मेरी फार्म और फिटनेस रहती है मैं तब तक खेलना चाहूंगी। अभी अगले विश्व कप में चार साल का समय है और इस बीच क्या होगा कोई नहीं जानता। हमारा ध्यान अब फिलहाल अगले साल होने वाले टी२० विश्व कप पर है। मिताली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में १९९९ में पदार्पण किया था लेकिन तब से लेकर अब तक वह केवल दस टेस्ट मैच खेल पाई हैं। बीसीसीआई से जु़डने के बाद पिछले ११ वर्षों में उन्होंने केवल दो टेस्ट मैच खेले हैं। इस बारे में पूछने पर भारतीय कप्तान ने कहा, किसी क्रिकेटर के कौशल की असली परीक्षा टेस्ट मैचों में होती है। एकाग्रता, संयम और कौशल के लिहाज से टेस्ट खेलना जरूरी है। महिला टेस्ट भी जरूरी है लेकिन अभी टी२० का जमाना है तथा टी२० और वनडे से खेल को आगे ब़ढाने में मदद मिल रही है। टेस्ट भी महत्वपूर्ण है लेकिन अगर भारतीय टीम इसके लिए तैयार है तो दूसरी टीम भी तैयार होनी चाहिए। मिताली ने कहा कि विश्व कप में अच्छे प्रदर्शन का कारण इसके लिए बेहतर तैयारियां रही। उन्होंने कहा, विश्व कप में जाने से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि हम फाइनल में पहुंचेंगे। यह विश्वकप वास्तव में क़डा था लेकिन हमारी तैयारियां अच्छी थी। हमने इससे पहले कुछ महत्वपूर्ण श्रृंखलाएं खेली और इसके लिए मैं बीसीसीआई का आभार व्यक्त करना चाहती हूं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में नाबाद १७१ रन की धांसू पारी खेलने वाली ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग में खेलने का फायदा मिला। हरमनप्रीत ने कहा, मुझे और स्मृति (मंदाना) को बिग बैश में खेलने का फायदा मिला। उम्मीद है कि आगे अधिक भारतीय खिला़डी इस तरह के लीग से जु़डेंगी। अगर हमें भी आईपीएल खेलने का मिलता है तो इससे युवा खिलाि़डयों का आत्मविश्वास ब़ढेगा। इस तरह की लीग की सख्त जरूरत है। एक अन्य ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने ने कहा, महिला आईपीएल २००८ में तभी शुरू किया जाना चाहिए था जब पुरुषों का आईपीएल शुरू हुआ था लेकिन अब भी देर नहीं हुई। भारतीय महिला क्रिकेट को आगे ब़ढाने के लिए यह जरूरी है क्योंकि अन्य देश इस दिशा में पहल कर चुके हैं।