पल्लेकेल। ओपनर शिखर धवन (११९) और लोकेश राहुल (८५) की महत्वपूर्ण पारियों की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन शनिवार को दिन का खेल समाप्त होने तक पहली पारी में छह विकेट पर ३२९ रन का संतोषजनक स्कोर बना दिया। धवन और राहुल ने टीम को सुबह के सत्र में अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए १८८ रन की मजबूत साझेदारी की लेकिन बाकी सत्र में श्रीलंकाई स्पिनरों की फिरकी के सामने मध्यक्रम के बल्लेबा़ज संघर्ष करने के लिए मजबूर हो गए और दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने ९० ओवरों में छह विकेट गंवाकर ३२९ रन बना लिए हैं।तीन मैचों की सीरीज में २-० से पहले ही कब़्जा कर चुकी मेहमान टीम पल्लेकेल में अपने पिछले मैचों के प्रदर्शन से कुछ पीछे दिखी जहां उसने गाले और कोलंबो में अपनी पहली पारियों में ६०० का स्कोर ख़डा किया था। हालांकि बल्लेबाजों ने दिन की समाप्ति तक संतोषजनक स्कोर बना लिया। धवन ने अपना छठा शतक बनाया जबकि राहुल ने रिकार्ड निरंतर सातवां अर्धशतक ठोक दिया। कप्तान विराट कोहली ने ४२ रन और रविचंद्रन अश्विन ने ३१ रन की अहम पारियां खेलीं। मैच समाप्ति तक विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा १३ रन और हार्दिक पांड्या एक रन बनाकर नाबाद क्रीज पर हैं। भारत का लंच तक एक भी विकेट नहीं निकाल सके श्रीलंकाई गेंदबाजों ने फिर १४१ रन के भीतर मेहमान टीम के छह विकेट निकालकर कुछ राहत की सांस ली। लेफ्ट आर्म स्पिनर मलिंडा पुष्पकुमारा मेजबान टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे और १८ ओवर में ४० रन देकर सर्वाधिक तीन विकेट निकाले जबकि संदाकन ने २५ ओवर में ८४ रन देकर दो विकेट और फर्नांडो ने ६८ रन पर एक विकेट लिया।आखिरी टेस्ट में क्लीन स्वीप के इरादे से उतरी भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने सुबह टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का ही निर्णय किया और पिछले मैचों की तरह इस बार भी अपनी पहली पारी की शुरुआत मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन के साथ की तथा लंच होने तक बिना किसी विकेट नुकसान के १३४ रन बना लिए लेकिन चायकाल होने तक उसने अपने तीनों ओपनिंग क्रम के बल्लेबाजों को गंवा दिया। भारत ने लंच के बाद अपने तीन विकेट ४७ रन के अंतर पर गंवाए। सुबह श्रीलंकाई फील्डरों की कमजोरी का भी भारतीय ओपनरों को कुछ फायदा मिला। धवन को एक रन पर ही जीवनदान मिला जबकि राहुल जब २८ के स्कोर पर थे तब दिमुथ कुरूणारत्ने की गेंद पर उनका एक खराब शॉट लाहिरू कुमारा ने छो़ड दिया। इसके बाद धवन ने इस जीवनदान का भरपूर फायदा उठाते हुए १२३ गेंदों में १७ चौकों की मदद से ११९ रन की पारी खेल दी जो उनका छठा टेस्ट शतक और मौजूदा दौरे पर दूसरा शतक है। वहीं दूसरे छोर पर राहुल ने उनका अच्छा साथ दिया और १३५ गेंदों की पारी में आठ चौके लगाकर ८५ रन बनाए। राहुल को मलिंडा पुष्पकुमारा ने करूणारत्ने के हाथों कैच कराकर भारत को १८८ के स्कोर पर पहला झटका दिया। इसके बाद धवन भी बहुत देर तक नहीं टिके और पुष्पकुमारा ने ही कप्तान दिनेश चांडीमल के हाथों उन्हें आउट कर दिया। इस बार श्रीमान भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा सस्ते में आउट हो गए और ३३ गेंदों की पारी में आठ रन ही बना सके। पुजारा को लक्ष्मण सदांकन ने एंजेलो मैथ्यूज के हाथों कैच कराया और भारत का तीसरा अहम विकेट निकाल दिया। इसके बाद क्रीज पर आए कप्तान विराट ने संभलकर खेलने की कोशिश की और ८४ गेंदों में तीन चौके लगाकर ४२ रन बनाए। हालांकि संदाकन ने उन्हें करूणारत्ने के हाथों लपककर ब़डा विकेट निकाला। दूसरे छोर पर रहाणे भी इस बार देर तक संघर्ष नहीं कर सके और उन्होंने ४८ गेंदों की पारी में एक चौका लगाकर १७ रन ही बनाए थे कि पुष्पकुमारा ने उन्हें बोल्ड कर दिया। हालांकि अश्विन ने निचले क्रम पर कुछ रन बटोरे और ७५ गेंदों में एक चौका लगाकर ३१ रन बनाए। अश्विन को विश्वा फर्नांडो ने डिकवेला के हाथों कैच कराया।