नई दिल्ली। पैरालम्पियन देवेंद्र झाझरिया और अनुभवी हॉकी खिला़डी सरदार सिंह को मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा जबकि स्टार महिला क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर समेत १६ खिलाि़डयों को अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया। इस बार अर्जुन पुरस्कार के लिए १७ खिलाि़डयों का चयन किया गया है लेकिन क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा काउंटी क्रिकेट में व्यस्त होने के कारण पुरस्कार ग्रहण करने के लिए नहीं पहुंच पाए। उन्हें यह पुरस्कार बाद में प्रदान किया जाएगा। भालाफेंक खिला़डी झाझरिया दो पैरालम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय हैं और खेलरत्न पाने वाले पहले पैरा एथलीट भी हैं। जस्टिस सीके ठक्कर (रिटायर्ड) की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उनके और सरदार सिंह के नाम की अनुशंसा की थी जिस पर खेल मंत्रालय ने मुहर लगाई। दोनों को मंगलवार को महान हॉकी खिला़डी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ ७.५ लाख रुपए नकद पुरस्कार दिया गया। समारोह में सबसे ज्यादा तालियां पैरा एथलीटों के लिए बजी जिनकी झोली में पहली बार खेलरत्न समेत तीन पुरस्कार गए। खेलरत्न झाझरिया ने २००४ एथेंस ओलंपिक में और पिछले साल रियो ओलंपिक में एफ ४६ वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने दोनों मौकों पर विश्व रिकार्ड भी बनाया और २०१३ विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। दूसरी ओर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजे जा चुके पूर्व कप्तान सरदार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। सुल्तान अजलन शाह कप २००८ में भारतीय टीम की कमान संभालने वाले सरदार सबसे युवा कप्तान बने थे। दो साल पहले पद्मश्री से नवाजे गए सरदार २०१४ इंचियोन और २०१० ग्वांग्झू एशियाई खेलों में क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। छह कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए गए जबकि तीन पूर्व खिलाि़डयों को खेलों में आजीवन योगदान के लिए ध्यानचंद पुरस्कार मिला। अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार पाने वालों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और पांच-पांच लाख रुपए नकद दिए गए।