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डिविलियर्स ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया
डिविलियर्स ने कहा, मैं जानता हूं कि मेरे माता पिता, भाइयों, पत्नी डेनियेले और बच्चों के सहयोग और बलिदानों के बिना यह संभव नहीं होता।
 
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘यह असाधारण सफर रहा है लेकिन मैने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है।’

जोहानिसबर्ग/भाषा। आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ने 17 साल तक अपनी ‘360 डिग्री बल्लेबाजी’ के दम पर नयी बुलंदियों को छूने के बाद खेल के हर प्रारूप से संन्यास ले लिया।

इसके साथ ही 37 वर्ष के डिविलियर्स का आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु से नाता भी टूट गया। डिविलियर्स ने ट्विटर पर यह घोषणा की। दक्षिण अफ्रीका के लिये उन्होंने 114 टेस्ट, 228 ववनडे और 78 टी20 मैच खेले हैं।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘यह असाधारण सफर रहा है लेकिन मैने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है।’

उन्होंने कहा, ‘अपने बड़े भाइयों के साथ घर के अहाते में खेलने से लेकर अब तक मैने खेल का पूरा मजा लिया है।अ ब 37 वर्ष की उम्र में लगता है कि लौ अब उतनी तेज नहीं रह गई है।’

डिविलियर्स ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि मेरे माता पिता, भाइयों, पत्नी डेनियेले और बच्चों के सहयोग और बलिदानों के बिना यह संभव नहीं होता। मैं हमारे जीवन के नये अध्याय की शुरूआत करना चाहता हूं जिसमें उन्हें सबसे पहले रख सकूं।’

वह 2018 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने हर साथी खिलाड़ी, विरोधी खिलाड़ी, कोचों, फिजियो और स्टाफ के सदस्यों को धन्यवाद देना चाहता हूं। दक्षिण अफ्रीका में, भारत में या जहां भी मैने क्रिकेट खेली है, मुझे मिले सहयोग के लिए धन्यवाद।’

उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट की मुझ पर बड़ी कृपा रही है । चाहे टाइटंस के लिये खेला हूं या दक्षिण अफ्रीका के लिये या आरसीबी के लिए। इस खेल ने मुझे अकल्पनीय अनुभव और मौके दिये हैं । अब हालांकि मुझे सच्चाई को स्वीकार करना होगा। भले ही यह अचानक लिया हुआ फैसला लग रहा हूं लेकिन मैने इसे काफी सोच समझकर लिया है।’

डिविलियर्स ने 2011 में आरसीबी के साथ खेलना शुरू किया और 11 सत्र खेले हैं ।विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के लिये उन्होंने 156 मैच खेलकर 4491 रन बनाए। कोहली के बाद वह आरसीबी के लिये सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

उन्होंने कहा, ‘आरसीबी के लिये मैने लंबे समय तक खेला। 11 वर्ष यूं ही बीत गए और अब टीम को छोड़ना खट्टा मीठा अनुभव लग रहा है। इस फैसले तक पहुंचने में लंबा समय लगा लेकिन मैने अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिये काफी सोच समझकर यह फैसला लिया। मैं आरसीबी प्रबंधन, अपने दोस्त विराट कोहली, साथी खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ, प्रशंसकों को धन्यवाद देना चाहता हूं। आरसीबी हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी और हम हमेशा इस टीम की हौसलाअफजाई करते रहेंगे।’

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