‘मन की बात’ में क्या बोले मोदी? यहां सुनिए

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब मैं ‘मन की बात’ करता हूं तो ऐसा लगता है, जैसे आपके बीच, आपके परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं। हमारी छोटी-छोटी बातें, जो एक-दूसरे को, कुछ सिखा जाएं, जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव जो जी-भर के जीने की प्रेरणा बन जाएं – बस यही तो है ‘मन की बात’।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र ने असाधारण कार्य कर रहे लोगों को उनकी उपलब्धियां और मानवता के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मानित किया है। इस साल भी पुरस्कार पाने वालों में, वे लोग शामिल हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम किया है। इन सबके बीच, दिल्ली में 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख, देश बहुत दुखी भी हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आने वाले समय को नई आशा और नवीनता से भरना है। हमने पिछले साल असाधारण संयम और साहस का परिचय दिया। इस साल भी हमें कड़ी मेहनत करके अपने संकल्पों को सिद्ध करना है। इस साल की शुरुआत के साथ ही कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई को भी करीब-करीब एक साल पूरा हो गया है। जैसे कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई एक उदाहरण बनी है, वैसे ही, अब, हमारा टीकाकरण कार्यक्रम भी दुनिया में एक मिसाल बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जानते हैं, और भी ज्यादा गर्व की बात क्या है? हम सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम के साथ ही दुनिया में सबसे तेज गति से अपने नागरिकों का टीकाकरण भी कर रहे हैं। संकट के समय में भारत, दुनिया की सेवा इसलिए कर पा रहा है, क्योंकि भारत आज दवाओं और टीके को लेकर सक्षम है, आत्मनिर्भर है। यही सोच आत्मनिर्भर भारत अभियान की भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के हर हिस्से में, हर शहर, कस्बे और गांव में आजादी की लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ी गई थी। भारत भूमि के हर कोने में ऐसे महान सपूतों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

‘मन की बात’ में श्रोताओं को क्या पसंद आता है, ये आप बेहतर जानते हैं। लेकिन मुझे ‘मन की बात’ में सबसे अच्छा लगता है कि मुझे बहुत कुछ जानने-सीखने और पढ़ने को मिलता है। एक प्रकार से परोक्ष रूप से आप सबसे जुड़ने का मौका मिलता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सभी देशवासियों को और खासकर अपने युवा साथियों को आहृान करता हूं कि वो देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में लिखें। अपने इलाके में स्वतंत्रता संग्राम के दौर की वीरता की गाथाओं के बारे में किताबें लिखें।

हैदराबाद के बोयिनपल्ली में, एक स्थानीय सब्जी मंडी किस तरह अपने दायित्व को निभा रही है, ये पढ़कर भी मुझे बहुत अच्छा लगा। बोयिनपल्ली की सब्जी मंडी ने तय किया है कि बचने वाली सब्जियों को ऐसे फेंका नहीं जाएगा, इससे बिजली बनाई जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा से कैसे आमदनी के रास्ते भी खुलते हैं, इसका एक उदाहरण अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भी देखने को मिला। इस पहाड़ी इलाके में सदियों से ‘मोन शुगु’ नाम का एक पेपर बनाया जाता है। इसके लिए पेड़ों को नहीं काटना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले आपने देखा होगा, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से बेंगलूरु के लिए एक नॉन-स्टॉप फ्लाइट की कमान भारत की चार महिला पायलटों संभाली। दस हजार किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा सफ़र तय करके ये फ्लाइट सवा दो-सौ से अधिक यात्रियों को भारत लेकर आई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों झांसी में एक महीने तक चलने वाला ‘स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल’ शुरू हुआ। लॉ की छात्रा गुरलीन ने पहले अपने घर पर और फिर अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती का सफल प्रयोग कर यह विश्वास जगाया है कि झांसी में भी ये हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने एक वीडियो देखा। वह वीडियो पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर स्थित ‘नया पिंगला’ गांव के एक चित्रकार सरमुद्दीन का था। वो प्रसन्नता व्यक्त कर रहे थे कि रामायण पर बनाई उनकी पेंटिंग 2 लाख रुपये में बिकी है। इससे उनके गांववालों को भी काफी खुशी मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में मुझे पश्चिम बंगाल से जुड़ी एक बहुत अच्छी पहल के बारे में जानकारी मिली, जिसे मैं आपसे साथ जरुर साझा करना चाहूंगा। पर्यटन मंत्रालय के रीजिनल ऑफिस ने महीने के शुरू में ही बंगाल के गांवों में एक इंक्रेडिबल इंडिया वीकेंड गेटवे की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉलेज के रास्ते में भाग्यश्री को ये सोफ्ट स्टोन्स मिले, उन्होंने इन्हें एकत्र किया और साफ किया। उन्होंने रोजाना दो घंटे इन पत्थरों पर पट्टचित्र स्टाइल में पेंटिंग की। कुछ दिन पहले ही, सुभाष बाबू की जयंती पर भाग्यश्री ने पत्थर पर ही उन्हें अनोखी श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर कई महासागरों, महाद्वीपों के पार एक देश है, जिसका नाम है चिली। भारत से चिली पहुंचने में बहुत अधिक समय लगता है, लेकिन भारतीय संस्कृति की खुशबू वहां बहुत समय पहले से ही फैली हुई है।

आपको यह जानकार अच्छा लगेगा कि चिली की राजधानी सेंटिआगो में 30 से ज्यादा योग विद्यालय हैं। चिली में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है। मुझे बताया गया है कि हाउस आफ डेप्युटीज में योग दिवस को लेकर बहुत ही गर्मजोशी भरा माहौल होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी महीने 18 जनवरी से 17 फरवरी तक, हमारा देश ‘सड़क सुरक्षा माह’ यानी ‘रोड सेफ्टी मंथ’ भी मना रहा है। सड़क हादसे आज हमारे देश में ही नहीं पूरी दुनिया में चिंता का विषय हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने ध्यान दिया होगा, बीआरओ जो सड़कें बनाती है, उससे गुजरते हुए आपको बड़े ही इनोवेटिव स्लोगन्स देखने को मिलते हैं। ‘दिस इज हाईवे नॉट रनवे’ या फिर ‘बी मिस्टर लेट देन लेट मिस्टर’। ये स्लोगन सड़क पर सावधानी बरतने को लेकर लोगों को जागरूक करने में काफी प्रभावी होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं नमो ऐप पर कोलकाता की अपर्णा दासजी की एक पोस्ट की चर्चा करना चाहूंगा। अपर्णाजी ने मुझे ‘फास्टैग कार्यक्रम’ पर बात करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फास्टैग से यात्रा का अनुभव बदल गया है।

टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम में कमी आने से गाड़ी के ईंधन की बचत भी हो रही है। इससे देशवासियों के करीब 21 हजार करोड़ रुपए बचने का अनुमान है, यानी पैसे की भी बचत और समय की भी बचत।