वाशिंगटन। अमेरिका  ने पाकिस्ता अधिकृत कश्मीर से भारत में आतंकवाद फैलाने वाले आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूह घोषित कर दिया है। हाल के महीनों में कश्मीर में हिजबुल की बढ़ती आतंकी गतिविधियों के कारण अमेरिका ने यह फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि हिजबुल मुजाहिदीन बहुत से हमलों के लिए जिम्मेदार है। इनमें 2014 में जम्मू-कश्मीर में किया गया हमला भी शामिल है, जिसमें 17 लोग घायल हुए थे।एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी वित्त विभाग की वेबसाइट पर बुधवार को जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, उसने हिजबुल पर प्रतिबन्ध लगाने का आदेश दिया है।अमेरिकी विदेश विभाग  ने कहा कि आतंकी गुट घोषित किए जाने से संगठन और शख्स बेनकाब होते हैं और अलग-थलग पड़ जाते हैं। इससे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक उनकी पहुंच खत्म हो जाती है। इसके साथ ही इस कदम से अमेरिका और दूसरी सरकारों की प्रवर्तन एजेंसिओं को  मदद मिलती है। ज्ञातव्य है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन पर प्रतिबन्ध लगाया था। इस प्रतिबन्ध  के बाद हिजबुल की पाकिस्तान और अमेरिका में उसकी सम्पत्तियाँ जब्त की जा सकेगी। इसके साथ ही अमेरिकियों को इस आतंकी गुट के साथ किसी प्रकार का लेनदेन करने पर भी रोक लगा दी गई है। अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है जो इस समूह को कश्मीरी लोगों की आवाज के तौर पर पेश करता आ रहा है।पिछले वर्ष जुलाई में कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया बुरहान वानी हिजबुल का कमांडर था। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और नवाज शरीफ ने हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की कई बार तारीफ की थी। हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी गुट 1989 में वजूद में आया था। यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सबसे पुराने और बड़े आतंकी गुटों में से एक है।