suhai aziz talpur
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कराची। पाकिस्तान के कराची में शुक्रवार को चीन के वाणिज्यिक दूतावास के बाहर हुए आतंकी हमले के बाद एक महिला पुलिस अ​फसर की बहादुरी के खूब चर्चे हो रहे हैं। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कारगर रणनीति बनाकर अभियान चलाया और चीनी दूतावास के अधिकारियों की जान बचाने में कामयाब रहीं। इसके बाद सोशल मीडिया में उनकी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। कराची पुलिस की इस बहादुर अफसर का नाम सुहाय अजीज तालपुर है।

वे एएसपी के पद पर तैनात हैं। आज कराची सहित पूरे पाकिस्तान में उनकी सराहना की जा रही है। शुक्रवार को जब आतंकियों ने क्लिफटन इलाके में चीनी दूतावास के बाहर हमला किया तो सुहाय अजीज ने सुरक्षा अभियान का नेतृत्व किया। पुलिस की कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए थे। आतंकियों से विस्फोटक और हथियार भी बरामद किए गए थे।

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करना पड़ा था बंदिशों का सामना
आज सुहाय अजीज एक जानामाना नाम हैं लेकिन एक वह दौर भी था जब उन्हें पाकिस्तान के कट्टरपंथी समाज की बंदिशों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने का इरादा किया तो उनके रिश्तेदार ही खिलाफ हो गए थे। उनके पिता का नाम अजीज तालपुर है जो सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुहाय अजीज सिंध के तांडो मोहम्मद खान जिले के भाई खान तालपुर गांव की निवासी हैं।

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उन्होंने तांडो मोहम्मद खान के स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद स्थानीय कॉलेज से 12वीं और बीकॉम की। फिर सिंध विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और चार्टर्ड अकाउंटेंसी का कोर्स किया। वे 2013 में सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज की परीक्षा पास करने के बाद पुलिस में भर्ती हुईं। यहां तक पहुंचने के लिए सुहाय अजीज को कई मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के रूढ़िवादी समाज ने उनका विरोध किया। समाज में कई लोग थे जो चाहते थे कि सुहाय अजीज उच्च शिक्षा हासिल कर पुलिस अधिकारी न बनें।

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परिवार ने छोड़ा था गांव
पढ़ाई के दौरान सुहाय अजीज के रिश्तेदारों ने इतने ताने दिए कि परिवार को गांव छोड़कर एक कस्बे में रहना पड़ा। इसके बावजूद सुहाय अजीज और उनके परिजनों ने हिम्मत नहीं हारी। जब सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज परीक्षा का परिणाम आया तो सुहाय अजीज उसमें पास हो गईं और वे पुलिस अधिकारी बन गईं। इस कामयाबी के बाद उनके वे रिश्तेदार भी उनसे संपर्क करने लगे जिन्होंने कभी सुहाय अजीज की पढ़ाई का विरोध किया था।