zainab ansari pakistan
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लाहौर। पाकिस्तान के बहुचर्चित जैनब हत्याकांड के दोषी को बुधवार सुबह फांसी दे दी गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, छह साल की मासूम जैनब से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गुनहगार इमरान अली को नौ महीने में ही लाहौर की कोट लखपत जेल में सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया।

पंजाब प्रांत के कसूर शहर में 4 जनवरी, 2018 को मासूम जैनब के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। उसके बाद लोग सड़कों पर उतरे और पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन होने लगे।

सड़कों पर उतरी थी अवाम
इस मामले में आरोपी 24 साल के इमरान अली को पकड़ लिया गया। पुलिस की जांच से खुलासा हुआ कि उस रोज जैनब कुरान की पढ़ाई करने के लिए जा रही थी। उसी दौरान इमरान ने उसका अपहरण कर लिया। उसके बाद उसने बच्ची के साथ दरिंदगी की और गला घोंटकर हत्या कर दी। इमरान उस बच्ची के पड़ोस में ही रहता था। उसकी हत्या के बाद जब पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए तो वह भी ऐसे प्रदर्शन में शामिल हुआ।

imran ali rapist
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भारत में भी उठी आवाज
इरामन ने जैनब का शव एक कूड़ेदान में फेंक दिया था जो 9 जनवरी को मिला। भारत में भी लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बच्ची के हक में आवाज उठाई थी। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने घटना की निंदा की और सोशल मीडिया में जैनब को इनसाफ दिलाने की मांग ट्रेंड करने लगी। इन सबसे पाकिस्तान सरकार पर दबाव पड़ा और गुनहगार की तलाश शुरू हो गई। जैनब का अपहरण कर ले जाते हुए उक्त शख्स का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था।

डीएनए से हुई पुष्टि
आखिरकार पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि 23 जनवरी को इमरान अली नामक शख्स को पकड़ा गया है, जिससे डीएनए और दूसरे सबूतों के मिलने की पुष्टि हो गई। यह भी पाया ​गया कि इमरान ने 12 अन्य लड़कियों को दरिंदगी का शिकार बनाया था। इसके बाद उस पर मुकदमा चलाया गया और सजा-ए-मौत दी गई।

ऐसे बीते आखिरी लम्हे
इमरान को फांसी पर लटकाते वक्त मजिस्ट्रेट आदिल सरवर, जैनब के पिता और जेल अधिकारी मौजूद थे। इमरान के परिजनों को भी बुलाया गया था ताकि उसकी मौत के बाद लाश ले जा सकें। इमरान को फांसी पर लटकाने से पहले 45 मिनट का समय दिया गया था ताकि वह अपने परिजनों से बात कर ले। समय पूरा होने पर उसे जेल अधिकारी फंदे की ओर ले गए और लटका दिया। पाकिस्तान में काफी लोगों ने इस फैसले पर संतोष जताया है।

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