vijay mallya
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लंदन। ब्रिटेन की एक अदालत के फैसले के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में कई बैंकों को अरबों रुपए की चपत लगाकर भागे विजय माल्या के प्रत्यर्पण की भी राह खुल सकती है। जानकारों ने ब्रिटिश अदालत के एक फैसले को प्रत्यर्पण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है और इसे बतौर तर्क प्रस्तुत किया जा सकता है।

दरअसल ​एक ब्रिटिश अदालत ने भारत की तिहाड़ जेल को सुरक्षित बताया है। विजय माल्या अब तक यह दलील देता रहा है कि भारत की जेल में उसे खतरा हो सकता है, क्योंकि यह सुरक्षित नहीं है। वहीं ब्रिटिश अदालत का इस पर अलग रुख सामने आया है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि अदालत का फैसला माल्या जैसे मामलों में भारत के पक्ष को मजबूत कर सकता है।

लंदन उच्च न्यायालय ने क्रिकेट मैच फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला के मामले में यह फैसला दिया है। इसके तहत अदालत ने उन दलीलों को खारिज किया है जिसमें अब तक यह कहा जा रहा था कि तिहाड़ जेल ऐसे कैदियों के लिए असुरक्षित है। जज लेगाट और डिंगेमैन्स ने अपने फैसले में कहा कि तिहाड़ में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव चावला को कोई खतरा नहीं है।

बता दें कि संजीव चावला पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की फिक्सिंग का गंभीर आरोप है। उसका यह मामला हैंसी क्रोन्ये के एक मैच से जुड़ा है। इसमें भारत के भी कुछ क्रिकेट खिलाड़ियों पर आरोप लगे थे। भारत की ओर से लंदन उच्च न्यायालय को संजीव चावला के इलाज का भरोसा दिलाया गया है। इसके बाद अदालत ने यह टिप्पणी की है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह मामला वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट अदालत में भेजा जाएगा। मामला ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत तक जाने की संभावना जताई जा रही है। ब्रिटिश विदेश मंत्री आखिर में चावला को लेकर कोई फैसला लेंगे।

विजय माल्या ने भारत की कानूनी प्रक्रिया से दूर रहने के लिए यहां की जेलों को असुरक्षित बताकर ब्रिटेन में पनाह ले रखी है। अब ब्रिटेन की अदालत ने दूसरे मामले में उक्त रुख अपनाकर ऐसी दलीलों को खारिज कर दिया है। माना जा रहा है कि इसका माल्या के मामले पर असर होना तय है। भारत की ओर से ब्रिटेन के सामने इस फैसले को रखकर माल्या के प्रत्यर्पण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।