सिक्किम सेक्टर में भारत एवं चीन के बीच जारी सैन्य गतिरोध के मद्देनजर दोनों देशों से तनाव कम करने लिए वार्ता करने का आह्वान करते हुए अमेरिका ने आज कहा कि वह मामले पर करीब से नजर रख रहा है। भारत और चीन द्वारा इस सैन्य गतिरोध को वार्ता के माध्यम से सुलझाने की इच्छा जाहिर किये जाने के एक दिन बाद वाशिंगटन ने यह बयान दिया है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस संबंध में राज्यसभा में कहा कि भारत सिक्किम सेक्टर में गतिरोध पर चीन के साथ वार्ता को तैयार है, लेकिन दोनों पक्षों को पहले अपनी-अपनी सेनाएं वापस बुलानी होंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमाएं अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और यह द्विपक्षीय वार्ता से तय होगा।

बीजिंग में चीन की विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सैन्य गतिरोध पर बातचीत के लिये कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं, लेकिन उसने कहा कि डोकलाम से भारतीय सैनिकों का पीछे हटना वार्ता की पूर्व शर्त है।

अमेरिका के विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नुअर्ट ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि हम इस स्थिति पर करीब से और सावधानी पूर्वक नजर रख रहे हैं। इसपर ज्यादा जानकारी के लिए मुझे आपसे भारत और चीन की सरकारों से संपर्क करने के एक सवाल का जवाब देते हुए हीथर ने कहा कि भारतीय और चीनी उन मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।

बीजिंग में 27—28 जुलाई को होने वाली ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के शामिल होने का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि वह एक दूसरे से बात करने वाले हैं। हीथर ने कहा कि हम उन्हें तनाव कम करने के लक्ष्य से सीधी वार्ता करने को प्रोत्साहित करेंगे।