khaleda zia
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ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को उन्हें ढाका की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में सात साल सख्त कैद की सजा सुनाई थी। अब मंगलवार को भी उनके लिए सजा का ऐलान हो गया है। उन्हें भ्रष्टाचार के एक और मामले में 10 साल की कैद हुई है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह मामला अनाथालय में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। फरवरी में विशेष अदालत ने अपने फैसले में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा ज़िया को पांच साल की कैद सुनाई थी। खालिदा पर आरोप है कि इन्होंने अनाथालय ट्रस्ट की रकम हड़प ली, जो 2 लाख डॉलर से भी ज्यादा थी।

बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने जांच कर अदालत से यह अपील की थी कि खालिदा को सख्त सजा दी जाए। अब वहां के उच्च न्यायालय ने पांच साल की कैद को 10 साल में तब्दील कर दिया है। जस्टिस एम. इनायतुर्रहीम और जस्टिस मोहम्मद मोस्तफिजुर्रहमान की पीठ ने जब खालिदा ज़िया के लिए सजा का ऐलान किया तो यह फैसला बीएनपी समर्थकों के लिए किसी झटके से कम नहीं था।

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के वकील ने बताया कि इस मामले में खालिदा ज़िया की भूमिका संदिग्ध थी। इसलिए हमने उनकी सजा बढ़ाए जाने की मांग की। उच्च न्यायालय ने इस अपील पर सुनवाई करते हुए उनकी सजा में इजाफा कर दिया। मामले में खालिदा ज़िया के बेटे तारिक और अन्य चार आरोपियों को भी 10 साल की सजा हो गई है।

कभी सियासत में बजता था डंका
बांग्लादेश की सियासत में कभी खालिदा ज़िया के नाम का डंका बजता था, मगर अब वे जेल में। उनका बेटा भी ग्रेनेड कांड में उम्रकैद काट रहा है। ऐसे में उनकी पार्टी बीएनपी के लिए समय काफी चुनौतीपूर्ण है। 15 अगस्त, 1945 को अविभाजित भारत के दिनाजपुर में जन्मीं खालिदा का ताल्लुक अपने मुल्क की उस पीढ़ी से है जो ज़िंदगी में क्रमश: तीन देशों- भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की नागरिक रही है।

बेनज़ीर के बाद चमका सितारा
खालिदा के पति ज़ियाउर्रहमान एक सैन्य अधिकारी थे जो बाद में अपने मुल्क के राष्ट्रपति भी बने। वर्ष 1981 में सेना द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। उसके बाद खालिदा राजनीति में उतरीं। जब 1991 में वे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं तो मुल्क की पहली महिला थीं जो इस पद तक पहुंचीं। मुस्लिम बहुल देशों में वे यह रिकॉर्ड कायम करने वाली दूसरी महिला थीं। उनसे पहले बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी थीं।