हैम्बर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को यहां ब्रिक्स देशों की अनौपचारिक बैठक के दौरान एक दूसरे से गर्मजोशी से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट किया, चीन द्वारा आयोजित ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक में मोदी और जिनपिंग के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई लेकिन उन्होंने बातचीत का कोई ब्यौरा नहीं दिया। दोनों देशों के बीच सिक्किम सीमा पर चल रहे तनाव के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच इस बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने ब्रिक्स देशों की अनौपचारिक बैठक में अपने वक्तव्यों में एक दूसरे के बारे में सकारात्मक टिप्पणियां करके वातावरण खुशगवार बनाया। बैठक समाप्त होने पर जब सभी नेता उठे तो मोदी और ब्रिक्स के वर्तमान अध्यक्ष चीनी राष्ट्रपति का आमना-सामना हुआ। दोनों नेताओं ने मुस्कराहट के साथ गर्मजोशी से हाथ मिलाया और दोनों के बीच कुछ देर अलग से बातचीत भी हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद थे। मोदी ने अपने वक्तव्य की शुरुआत में ही कहा, सर्वप्रथम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत भरे शब्दों तथा इस बैठक की मे़जबानी करने के लिए धन्यवाद।

मोदी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में ब्रिक्स की गतिशीलता तथा सकारात्मक प्रगति ने हमारे आपसी सहयोग को और भी गहरा किया है। उन्होंने कहा, अंत में मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आगामी नौवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं तथा पूर्ण समर्थन देता हूं।

चीनी राष्ट्रपति ने अपने वक्तव्य में आतंकवाद के विरुद्ध भारत के दृढ़ संकल्प और उसके अध्यक्षीय काल में संगठन की गतिशीलता की सराहना की। उन्होंने गत वर्ष गोवा में ब्रिक्स शिखर बैठक के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया। चीनी राष्ट्रपति ने आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भारत की सफलता की सराहना की तथा भविष्य में और प्रगति की कामना की।