वॉशिंगटन/भाषा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनके देश में फिलहाल कोरोना वायरस की 10 दवाइयों का क्लिनिकल परीक्षण चल रहा है। यह परीक्षण तेज़ी से फैल रहे कोरोना वायरस के चिकित्सकीय समाधान तलाश करने के प्रशासन के ‘अभूतपूर्व’ प्रयासों के तहत किया जा रहा है।

कोई टीका या दवाई नहीं होने की वजह से कोरोना वायरस दुनियाभर में 88,500 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है और लगभग 15 लाख लोगों को संक्रमित कर चुका है। कोविड-19 के अमेरिका में ही 4.3 लाख मरीज हैं, जबकि इससे 14,700 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस पर अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने बुधवार को कहा, अमेरिकी उद्योग और अमेरिकी डॉक्टर एवं वैज्ञानिक मदद के लिए आगे आए हैं। 10 दवाइयों का क्लिनिकल परीक्षण चल रहा है और मेरा प्रशासन बिना किसी देरी के इलाज उपलब्ध कराने के लिए अप्रत्याशित कदम उठा रहा है।

उन्होंने कहा, डॉक्टर, लैब तकनीशियन, कंपनियां कुछ चीजें लेकर आ रही हैं, जो मेरे ख्याल से निकट भविष्य में बहुत खास और अहम होने वाली हैं। सवाल के जवाब में उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि अमेरिका मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर अलग से चार क्लिनिकल परीक्षण कर रहा है।

अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन ने कोविड-19 के संभावित इलाज के तौर पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की पहचान की है। भारत इस दवा का सबसे बड़ा उत्पादक है और पिछले हफ्ते ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोन पर बातचीत के बाद भारत ने इस दवा के निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया।