म्यांमार में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सशस्त्र बलों की क्रूरता, 90 को गोलियों से भूना

प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। स्रोत: PixaBay

रंगून/दक्षिण भारत। म्यांमार के नागरिकों के लिए शनिवार का दिन बहुत पीड़ादायक रहा। देश के सशस्त्र बल दिवस के मौके पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में भारी भिड़ंत हो गई। इसमें दर्जनों लोगों के मारे जाने के समाचार हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर दी। इसमें कम से कम 60 लोग मारे गए हैं। हालांकि इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि सशस्त्र बलों ने जिस निर्ममता से गोलीबारी की है, उससे मृतकों की संख्या 90 को पार कर सकती है।

इस समाचार के बाद दुनियाभर में म्यांमार के सशस्त्र बलों की निंदा हो रही है। इस संबंध में अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर इसे निहत्थे आम नागरिकों की हत्या करार दिया है। दूसरी ओर, म्यांमार के सेना प्रमुख मिन आंग लाइंग के रवैए में कोई सुधार नहीं आया है। उन्होंने कहा है कि देश में चुनाव होंगे। वे तख्तापलट की कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की रक्षा’ से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि सैन्य शासन कब तक चलेगा और चुनाव कब होंगे, इस संबंध में तानाशाह ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। म्यांमार में सैन्य शासन का लंबा इतिहास रहा है। साल 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद इस देश पर लंबे समय तक सैन्य तानाशाह काबिज रहे।

हाल के कुछ वर्षों में म्यांमार में लोकतंत्र मजबूत हो रहा था कि इसी साल फरवरी में सेना ने तख्तापलट कर दिया। विभिन्न मी​डिया रिपोर्टों के अनुसार, म्यांमार में लोग सेना का जोरदार विरोध कर रहे हैं। अब तक सशस्त्र बलों की कार्रवाई में 400 लोग दम तोड़ चुके हैं। हालांकि इससे जनता का गुस्सा भड़क उठा और वह लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है।