बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना

ढाका/भाषा। कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर बांग्लादेश ने रमजान के दौरान इफ्तार के समय लोगों के एक जगह जमा होने पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया।

स्थानीय न्यूज चैनल के मुताबिक, बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस संकट के समय में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने के तहत किसी भी व्यक्ति अथवा संस्थान को शाम के समय में इफ्तार के लिए लोगों को दावत देने या इस तरह की किसी दावत में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।

मंत्रालय ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आने के साथ ही सरकार ने रमजान की शाम की नमाज के लिए 12 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। इन 12 में पेश इमाम और मस्जिद के अन्य कर्मचारी शामिल रहेंगे।

धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा कि नमाज के लिए तय की गई संख्या में कमी होने पर मस्जिद के संचालनकर्ता इस बात का फैसला करेंगे कि पड़ोस से किन लोगों को शामिल किया जा सकता है।

वर्तमान में मस्जिद में केवल पांच लोग एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं जबकि जुमे की नमाज के लिए अधिक से अधिक 10 लोगों की छूट प्रदान है। बांग्लादेश में शुक्रवार को कोविड-19 के चार मरीजों की मौत होने के साथ ही मृतकों की संख्या 131 हो गई।