सोशल मीडिया पर वायरल पेड़ की तस्वीर
सोशल मीडिया पर वायरल पेड़ की तस्वीर

पेशावर/दक्षिण भारत। कानून का उल्लंघन करने के मामले में किसी इन्सान की गिरफ्तारी की खबरें तो हम सबने पढ़ी हैं, लेकिन क्या किसी पेड़ की गिरफ्तारी के बारे में भी सुना है? जी हां, यह बात सच है और यह पेड़ 100 साल से भी ज्यादा समय से कैद है।

दरअसल, इस घटना का संबंध अविभाजित भारत के एक शहर से है। जब हमारे देश में ब्रिटिश हुकूमत थी, तो एक अहंकारी अंग्रेज जेलर ने एक पेड़ की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए और तब से वह जंजीरों में जकड़ा हुआ है।

अब यह पेड़ पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह स्थित लंडी कोतल इलाके में है। साल 1898 में यहां एक अंग्रेज जेलर जेम्स स्क्विड तैनात था। एक रात उसने जमकर शराब पी। वह नशे की हालत में ही बाहर पार्क में घूमने गया तो उसका सिर चकराने लगा और ऐसा महसूस होने लगा कि सामने खड़ा पेड़ उसकी ओर बढ़ रहा है और हमला करने वाला है।

यह देखकर जेम्स स्क्विड चिल्लाया और उसने सिपाहियों को आदेश दिया कि पेड़ को गिरफ्तार कर लिया जाए। चूंकि उच्च अधिकारी का आदेश था, इसलिए सिपाही इन्कार नहीं कर सके और फौरन पेड़ को ‘गिरफ्तार’ कर लिया गया।

इस घटना के बाद इतिहास में कई अच्छी और बुरी घटनाएं हुईं, अंग्रेज चले गए, भारत आज़ाद हो गया और पाकिस्तान भी बन गया, लेकिन यह पेड़ अब तक कैद में है। इस पर एक तख्ती भी टंगी है, जिसका पर लिखा है- ‘आई एम अंडर अरेस्ट’। इस पेड़ को ‘आज़ादी’ क्यों नहीं दी गई? इस पर अधिकारियों का कहना है कि इससे लोगों को यह पता चलता है कि अंग्रेज हुकूमत कितनी क्रूर थी।