हांगकांग के प्रदर्शनकारियों की एक तस्वीर
हांगकांग के प्रदर्शनकारियों की एक तस्वीर

हांगकांग/एपी। हांगकांग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने में पुलिस को व्यापक अधिकार प्राप्त होंगे जिसके तहत उन्हें बिना वारंट के तलाशी लेने, संदिग्धों को शहर छोड़ने से रोकने और संचार बाधित करने समेत तमाम अन्य कार्रवाई करने की अनुमति होगी।

हांगकांग सरकार ने सोमवार रात शहर के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में अनुच्छेद 43 के ब्योरे जारी किए जिसमें उन कदमों के बारे में बताया गया कि जो पुलिस बल शहर में कानून लागू करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। नियमों के मुताबिक, पुलिस ‘अपवाद परिस्थितियों’ में बिना वारंट के साक्ष्यों की तलाश करने की अधिकृत होगी।

पुलिस उस वारंट के लिए भी आवेदन दे सकती है जिसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को अपने यात्रा दस्तावेज सौंपने होंगे जिससे वह हांगकांग से बाहर नहीं जा सकेगा।

इसके अलावा, नियमों के तहत, कोई संपत्ति ‘तार्किक आधार’ पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली मालूम होती है तो उस संपत्ति को कुर्क या जब्त करने के लिए लिखित नोटिस या निरोधक आदेश जारी किए जा सकते हैं।

मंचों और प्रकाशकों के साथ ही इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी उन प्रकाशित-प्रसारित संदेशों को हटाने का आदेश दिया जा सकता है जो ‘राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने संबंधी अपराध से संबंधित हों’।

जो सेवा प्रदाता इन अनुरोधों का अनुपालन नहीं करेंगे उनपर एक लाख हांगकांग डॉलर (12,903 डॉलर) का जुर्माना लगाने के साथ ही छह माह की जेल दी जा सकती है।

इस तरह के संदेश पोस्ट करने वाले व्यक्तियों को भी संदेश हटाने को कहा जा सकता है या उन्हें भी इसी तरह का जुर्माना भरने के साथ एक साल की कैद हो सकती है।

सोमवार को क्रियान्वयन नियमों के जारी होने से पहले, फेसबुक, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ने कहा कि वे उपयोगकर्ता डेटा के कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध को तब तक स्वीकार नहीं करेंगे।

इन नियमों के तहत, हांगकांग की मुख्य कार्यकारी कैरी लैम पुलिस को संचार माध्यमों पर रोक लगाने और निगरानी करने का भी अधिकार दे सकती हैं।

इसके अलावा विदेशी राजनीतिक संगठन या ताइवान राजनीतिक संगठन या व्यक्तिगत एजेंटों को हांगकांग से जुड़ी उनकी गतिविधियों के ब्योरे देने के लिए लिखित नोटिस जारी किया जा सकता है।