प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

टोक्यो/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जापान ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। यहां एक प्रेसवार्ता में जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा कि देशभर में कोविड-19 के तेजी से प्रसार ने एक ऐसी स्थिति बनाई है जो लोगों के जीवन और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

इस घोषणा में टोक्यो और कनागावा, साइतामा और चिबा के प्रांत शामिल हैं। यह 7 फरवरी तक लागू रहेगी। लोगों को रात 8 बजे के बाद गैर-जरूरी ढंग से बाहर जाने से मना किया गया है। जायज वजहों के बिना नियमों का पालन करने में विफल रहने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।

महामारी से उपजे आर्थिक हालात से रेस्तरां के मालिक जूझ रहे हैं। अब ताजा प्रतिबंधों से हालात और खराब होने की आशंका है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में रेस्तरां की मासिक बिक्री में आधे से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

एनएचके की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में क्रेडिट रिसर्च फर्म तेईकोकू डेटाबैंक ने कहा कि जापान में पिछले साल रिकॉर्ड 780 रेस्तरां और बार दिवालिया हो गए थे। पिछले साल की तुलना में आपातकाल की वर्तमान स्थिति का आर्थिक प्रभाव और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि कई बार और रेस्तरां के मालिक कह रहे हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो वे दिवालिया हो जाएंगे।