अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन/भाषा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य अस्पताल में चार दिन बिताने के बाद व्हाइट हाउस लौट आए। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें इलाज के लिए वहां भर्ती कराया गया था।

ट्रंप (74) स्वस्थ नजर आ रहे थे। अपनी फिटनेस दिखाते हुए, ट्रंप ने एक असामान्य निर्णय लिया और अपने आवास तक लिफ्ट के बजाय दक्षिण पोर्टिको की सीढ़ियों से गए। उन्होंने पत्रकारों की ओर हाथ भी हिलाया।

राष्ट्रपति अपना मास्क उतारने के बाद थोड़ी देर ‘साउथ लॉन’ की ओर मुंह कर पोर्टिको पर खड़े रहे और मरीन वन को सलाम किया। व्हाइट हाउस लौटने के बाद प्रशंसकों को लिखे एक संक्षिप्त ‘ई-मेल’ में ट्रंप ने उनसे कोविड-19 से न डरने की अपील की।

ट्रंप ने कहा, ‘मैं आपसे कह रहा हूं। कोविड से डरें नहीं। उसे अपने जीवन पर हावी न होने दें। यह विश्व का सबसे महान देश है और ट्रंप प्रशासन के अधीन हमने बड़ी-बड़ी दवाइयां विकसित की हैं। हम इससे मिलकर निपटेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘दुनियाभर के अमेरिकयों से मिला प्यार और समर्थन अविश्वसनीय है और मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा। जब मैंने अस्पताल के बाहर कई महान देशभक्तों को मेरा समर्थन करते हुए देखा, तो मुझे पता था कि मुझे उनका शुक्रिया अदा करने आना ही है।’

इससे पहले, ‘वाल्टर रीड नेशनल मेडिकल सेंटर’ के डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ घोषित करते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।अस्पताल से निकलने से पहले ट्रंप ने ट्वीट किया था, ‘जल्द चुनाव अभियान शुरू करूंगा। फर्जी खबरें केवल फर्जी सर्वेक्षण ही दिखाती हैं।’

व्हाइट हाउस की उनकी पूर्व प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने भी ट्वीट कर बताया कि राष्ट्रपति काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और इस वायरस के आगे वह घुटने नहीं टेकेंगे।

इस बीच, डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन ने ट्रंप से देशभर में मास्क पहनना अनिवार्य करने के अभियान का समर्थन करने की अपील की ।

बाइडेन ने फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं राष्ट्रपति और प्रथम महिला के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं , जो अमेरिका के कई परिवारों की तरह कोविड-19 का सामना कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यह देखकर खुश हूं कि सप्ताहांत पर राष्ट्रपति वीडियो बना रहे थे। मैं उनसे अपील करता हूं कि वह वैज्ञानिकों की सुनें और मास्क का समर्थन करें।’

बता दें कि अमेरिका में करीब 2,10,000 लोगों की वायरस से मौत हो चुकी हैं और करीब 75 लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं।