हिंदुओं के घरों में लगाई गई आग। फोटो: bdnews24
हिंदुओं के घरों में लगाई गई आग। फोटो: bdnews24

ढाका/दक्षिण भारत। बांग्लादेश में कथित इस्लाम विरोधी फेसबुक पोस्ट की अफवाह के बाद उग्र भीड़ ने अल्पसंख्यक हिंदुओं के कई घरों में आग लगा दी। यह घटना कुमिल्ला के मुरादनगर इलाके की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंगरा बाज़ार पुलिस स्टेशन के ओसी क़मरुज़मन तालुकर ने कहा कि पुलिस ने रविवार को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।

इनमें पहला व्यक्ति पूर्बो धौर में एक स्कूल का प्रधानाध्यापक है। वहीं, दूसरा व्यक्ति पास के अंदीकोट गांव का निवासी है।कुमिल्ला के डिप्टी कमिश्नर अबुल फजल मीर ने इलाके का दौरा करने के बाद कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। एसपी सैयद नूरुल इस्लाम ने भी घटनास्थल का दौरा किया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि स्थानीय लोगों ने तीन घरों में आगजनी की।

उपद्रवियों ने पूर्बो धौर (पूर्व) संघ परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर बनकुमार शिब के घर को भी निशाना बनाया। यह पूछे जाने पर कि अधिकारियों ने हमलावरों के खिलाफ क्या कदम उठाए, डीसी ने बताया कि प्रशासन कार्रवाई में जुट गया है। ओसी क़मरुज़मन ने कहा कि हमले के संबंध में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए वीडियो देखेगी।

बता दें कि फ्रांस में कार्टून विवाद के बाद बांग्लादेश के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मुरादगर के कुर्बानपुर गांव का निवासी एक बांग्लादेशी शख्स, जो अब फ्रांस में रहता है, ने फेसबुक पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की तारीफ की थी। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उस पोस्ट पर टिप्पणी में मैक्रोन द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया था, जिसके बाद बांग्लादेश में लोग भड़क उठे।

एक ग्रामीण ने बताया कि फेसबुक पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट इस दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया कि प्रधानाध्यापक ने कार्टून का समर्थन किया है। जैसे-जैसे फेसबुक पोस्ट के बारे में अफवाह फैलती गई, शनिवार को इलाके में तनाव बढ़ता गया।