बाएं: नफरत में डूबे पाकिस्तानियों की भीड़. दाएं: तिरंगा थामे प्रशांत वेंगुरलेकर
बाएं: नफरत में डूबे पाकिस्तानियों की भीड़. दाएं: तिरंगा थामे प्रशांत वेंगुरलेकर

फ्रैंकफर्ट/दक्षिण भारत। पाकिस्तान की बुनियाद भारत का हर स्थिति में अंधविरोध करना है। इस पड़ोसी मुल्क की विदेश नीति, रक्षा नीति से लेकर आर्थिक नीतियों तक में सिर्फ भारत का विरोध करना शामिल है। अपनी असल समस्याओं की ओर ध्यान देकर उन्हें सुलझाने के बजाय पाकिस्तान अपने नागरिकों के दिमाग में आतंकवाद का जहर भर रहा है, जिसका नतीजा है कि आज वह आतंकियों के लिए जन्नत बन चुका है।

एक विफल और ‘खत्म होते देश’ का नागरिक होने के कारण पाकिस्तानी कुंठित रहते हैं। वे विदेशों में भी भारत का विरोध करने से बाज़ नहीं आते। ऐसी ही एक घटना जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हुई, जहां भारत एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाती हुई पाकिस्तानियों की भीड़ का सामना भारत के एक सपूत से हुआ। उन्होंने इस भीड़ को ललकारा और कहा कि ‘बाप बाप होता है’।

इनका नाम प्रशांत वेंगुरलेकर है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी 15 अगस्त को यहां एक जुलूस निकाल रहे ​थे। ​इसमें उन्होंने कुछ खालिस्तान समर्थकों को भी साथ ले रखा था। वे भारत और मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे। इस दौरान प्रशांत पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहे थे।

इतने में ही एक पाकिस्तानी की नजर उन पर पड़ी तो उसने अभद्र शब्द कहे। एक साक्षात्कार में प्रशांत ने कहा कि मौके पर अकेला होने के बावजूद मैंने मोर्चा संभाले रखा और पाकिस्तानियों से कहा कि यहां हर कोई शांति चाहता है और इधर नफरत फैलाने का कोई मतलब नहीं है।

प्रशांत ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तानियों से कहा कि वे इसे भूल ही जाएं, क्योंकि कश्मीर तो भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। घटना का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों ने मेरा अपमान किया और हमले की कोशिश की। तब मैंने उनसे कहा कि बाप बाप होता है।

प्रशांत ने कहा कि धारा 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तानी भ्रमित हैं और उन्हें नहीं पता कि अब कश्मीर मुद्दे पर कैसे चलना है। उन्होंने अधिक विरोध करना शुरू कर दिया है, लेकिन यूरोपीय समुदाय सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कोई भी उनके बारे में परवाह नहीं करता है। वे अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं। उक्त घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।