भारतीय मूल के रणवीर ने पढ़ाई के साथ शुरू की कंपनी

रणवीर सिंह संधू। फोटो स्रोत: facebook.com/Ranveer.SinghSandhu03
रणवीर सिंह संधू। फोटो स्रोत: facebook.com/Ranveer.SinghSandhu03

पढ़िए, ब्रिटेन के सबसे युवा अकाउंटेंट की कहानी

लंदन/दक्षिण भारत। आमतौर पर जिस उम्र में स्कूली बच्चे होमवर्क और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, लंदन निवासी रणवीर ​सिंह संधू अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए अकाउंटेंसी की कंपनी चला रहे हैं। भारतीय मूल के 17 वर्षीय रणवीर ने यह काम उस समय शुरू किया जब उनकी उम्र 12 साल थी। उनका सपना है कि वे 25 साल की उम्र इस कारोबार का इतना प्रसार कर लें जिससे कि करोड़पति बन जाएं।

गणित में रुचि रखने वाले रणवीर अपने करियर को लेकर किसी उलझन में नहीं थे। उन्होंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि वे अकाउंटेंट बनेंगे। उनकी इसी प्रेरणा ने उन्हें ब्रिटेन का सबसे युवा अकाउंटेंट भी बना दिया है। शुरुआत में ही उनसे दर्जनभर क्लाइंट जुड़ गए। वे बताते हैं, जब क्लाइंट्स् को मेरी उम्र के बारे में जानकारी होती है तो वे आश्चर्यचकित हो जाते हैं। वे मेरे व्यवसाय का बहुत समर्थन करते हैं। मेरे माता-पिता इस बात से प्रभावित हैं कि मैं यह सब कर सका। यह उनकी प्रेरणा से ही संभव हो पाया। भविष्य के लिए मेरी योजना करोड़पति बनना और अपने व्यवसाय का विस्तार करने की है। मैं काफी स्वतंत्र हूं और मुझे कभी भी हर फैसले के लिए मदद नहीं मांगनी चाहिए क्योंकि मैं जोखिम लेना पसंद करता हूं।

पढ़ाई के साथ कमाई
क्या स्कूली पढ़ाई के साथ अपनी कंपनी चलाना मुश्किल है? इस पर रणवीर कहते हैं कि ऐसा करना मुश्किल नहीं है। उन्होंने कंपनी शुरू करने से पहले पूरी तैयारी की थी। इसके लिए एक ऑनलाइन अकाउंटिंग कोर्स भी किया। इससे उन्हें इस पेशे की बारीकियां समझने में मदद मिली।

प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद, रणवीर ने जून 2016 में अपने व्यवसाय की विधिवत शुरुआत की। यह पहल दो साल में ही एक कंपनी में परिवर्तित हो गई और रणवीर ने अपने नाम पर कंपनी की शुरुआत कर दी। रणवीर के पिता अमन सिंह संधू बिल्डर हैं। वहीं, उनकी मां दलविंदर कौर संपत्ति एजेंट के तौर पर कार्यरत हैं। वे अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहते हैं ​कि उन्हें गर्व है।

माता-पिता ने दिया हौसला
रणवीर कहते हैं कि मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा सहयोग किया। जब कभी कोई मुश्किल आई, वे मेरा हौसला बढ़ाने के लिए हमेशा साथ रहे हैं। भविष्य की योजनाओं का ​उल्लेख करते हुए रणवीर कहते हैं, मैं चाहता हूं कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाऊं। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाऊं। साथ ही युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद करूं। मैं 25 साल की उम्र तक यह लक्ष्य प्राप्त कर लेना चाहता हूं। इसके लिए एक दशक से भी कम समय रह गया है। रणवीर ने बताया, मैं अपने व्यवसाय से अर्जित राशि विभिन्न संपत्तियों में निवेश करने की योजना बना रहा हूं। जब मैं ड्राइविंग टेस्ट पास कर लूंगा तो अपने पैसों से पहली कार खरीदूंगा।

खुद बनाया सॉफ्टवेयर
रणवीर किसी भी व्यवसाय की प्रगति में तकनीक के महत्व पर जोर देते हैं। वे अपने क्लाइंट्स के खातों का हिसाब-किताब रखने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, उसका निर्माण स्वयं किया है। वे साल 2017 में अल्ट्रा एजुकेशन किड्स अवार्ड्स में टेक बिजनेस ऑफ द ईयर पुरस्कार के विजेता रहे हैं।

वह खास पल
वह कौनसा पल था जब व्यवसाय शुरू करने का विचार आया? इसके जवाब में रणवीर कहते हैं कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता था जिसको लेकर बहुत लगाव महसूस कर सकूं। वो यह कि मैं अपने कौशल से उन लोगों का सहयोग करना चाहता था जो व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखते हैं, खासतौर से युवा उद्यमी। मैंने देखा कि बाज़ार मांग और आपूर्ति के बीच एक खाली स्थान था। यहीं से मेरे मन में यह विचार आया कि ‘मैं खुद ही अपना व्यवसाय शुरू क्यों नहीं कर लेता?’ रणवीर ने बताया कि इस विचार के साथ हुई शुरुआत को अब मेहनत से आगे बढ़ा रहा हूं। पढ़ाई के बाद बचा पूरा समय कंपनी को देता हूं। इस तरह मेरे पास कोई खाली समय नहीं होता है।